द्वारीखाल ब्लॉक में नामांकन केंद्रों पर भारी भीड़, शिमल्या डबरालस्यूं में वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम गायब
*प्रशासन और चुनाव आयोग पर उठे सवाल*
द्वारीखाल। पंचायत चुनाव-2025 को लेकर द्वारीखाल ब्लॉक में चुनावी गतिविधियां चरम पर हैं। नामांकन प्रक्रिया के तहत आज भी बड़ी संख्या में लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे। ब्लॉक मुख्यालय में वोटर लिस्ट वितरण काउंटर और नो ड्यूज प्रमाणपत्र काउंटर पर जबरदस्त भीड़ रही। नामांकन पत्र खरीदने की अंतिम तिथि 5 जुलाई निर्धारित है, ऐसे में प्रत्याशी और समर्थक तेजी से औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे हैं।

इसी बीच, ग्राम पंचायत शिमल्या डबरालस्यूं से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां भारत सिंह पुत्र स्व. जोत सिंह सहित लगभग 30 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से गायब पाए गए हैं, जबकि संबंधित बीएलओ (BLO) द्वारा वोटर लिस्ट बनाने की पर्चियां पहले ही वितरित की जा चुकी थीं।

स्थानीय निवासी प्रकाश सिंह रावत ने आरोप लगाया कि उनका और उनके पूरे परिवार का नाम वार्ड 1 की मतदाता सूची से हटा दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें मतदान से वंचित किया गया तो वे न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने को मजबूर होंगे।
एक अन्य ग्रामीण मदन सिंह रावत ने बताया कि वार्ड 3 में पति जमुना दास और पत्नी गोदम्बरी देवी सहित उनके परिवार के सदस्य निवास करते हैं, पति जमुना दास का नाम जहां वार्ड नंबर 3 की मतदाता सूची में दर्ज है, वहीं उनकी पत्नी गोदम्बरी देवी तथा बेटा-बहू के नाम वार्ड नंबर 4 में दर्ज किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि वार्ड नंबर 4 में केवल यही तीन लोग पंजीकृत हैं और सभी अनुसूचित जाति से संबंध रखते हैं, जबकि उस वार्ड के लिए निर्धारित वार्ड सदस्य का वर्ग सामान्य जाति दर्शाया गया है। यह स्थिति न केवल विसंगति को उजागर करती है, बल्कि वार्ड गठन की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े करती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह लापरवाही सीधे तौर पर चुनाव आयोग की गंभीर चूक को दर्शाती है, जिससे मतदाताओं के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है और क्या मतदान से पहले मतदाताओं के अधिकार बहाल हो पाएंगे।
