खस्ताहाल गरुड़चट्टी–बिजनी मार्ग पर जाम की मार, पर्यटक वाहनों की पार्किंग बनी मुसीबत
स्थानीय लोग बोले – सीज़न ख़त्म, पर समस्या जस की तस; प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
यमकेश्वर। गरुड़चट्टी (पौड़ी गढ़वाल), 30 जून 2025। बरसात की दस्तक के साथ ही गरुड़चट्टी से बिजनी तक का लगभग 12 किमी लंबा सड़क खंड गड्ढों, धँसाव और अतिक्रमण का शिकार हो गया है। यात्रा सीज़न लगभग समाप्त होने के बावजूद कैंप और रिजॉर्ट में ठहरने वाले पर्यटकों के वाहन सड़क पर खड़े रह रहे हैं, जिससे घंटों लंबा जाम लग रहा है।

लगातार हो रही बारिश ने सड़क की जर्जर हालत को और बदतर कर दिया। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरने से दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों की फिसलने की घटनाएं सामने आईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि “अब तो यात्रा सीजन समाप्ति के करीब है, फिर भी हालात यह हैं; सीज़न के चरम पर स्थिति की कल्पना ही डराती है।”
वाहनों की अवैध पार्किंग भी बड़ी समस्या बनी हुई है। क्षेत्र के व्यापारियो ने कहा कि, “कैंप-रिजॉर्ट मालिकों के पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था नहीं है, नतीजतन उनकी गाड़ियां खुले आम सड़क घेरती हैं। ट्रैफ़िक पुलिस का यहां नामोनिशान नहीं दिखता।”
प्रशासन ने बीते अप्रैल में मार्ग मरम्मत व अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया था, मगर ज़मीनी हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी पखवाड़े में जाम व सड़क मरम्मत को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सांकेतिक चक्का जाम कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने कहा, “हम विकास के नाम पर पर्यटन का स्वागत करते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं और सुरक्षा के साथ समझौता नहीं कर सकते।”
स्थानीय जनता की मुख्य मांगें
1. गरुड़चट्टी–बिजनी मार्ग का त्वरित गड्ढा-पैच कार्य व दीर्घकालीन पुनर्रचना।
2. कैंप तथा रिजॉर्ट संचालकों के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थल निर्धारित करना।
3. ट्रैफ़िक पुलिस की नियमित तैनाती और अवैध पार्किंग पर जुर्माना।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक संज्ञान लेकर ज़मीनी कार्रवाई शुरू करता है, ताकि आगामी तीर्थ एवं पर्यटन सीज़न में स्थानीयों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी फिर से जाम में न उलझे।
