उत्तराखंड

पुरानी पेंशन की बहाली और टीईटी से छूट की मांग, प्राथमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

देहरादून। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्राथमिक एवं औपबंधिक शिक्षकों तथा शिक्षा मित्रों की लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। संघ ने पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, टीईटी की अनिवार्यता से छूट, औपबंधिक शिक्षकों के नियमितीकरण और शिक्षा मित्रों को नियमित करने समेत नौ प्रमुख मांगें उठाई हैं।

संघ का कहना है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पेंशन, पदोन्नति, वेतन विसंगतियों और स्थानांतरण से जुड़ी समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो पाया है। इससे शिक्षकों में असंतोष बना हुआ है और इसका असर प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

ज्ञापन में आरटीई लागू होने से पहले निर्धारित शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण योग्यताओं के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट देकर सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। इसके साथ ही राज्य के प्राथमिक एवं औपबंधिक शिक्षकों और पात्र कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने पर जोर दिया गया है।

संघ ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा शिक्षण कार्य के अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के लिए अलग मानव संसाधन उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है। शासनादेश के अनुरूप सेवाकाल में न्यूनतम तीन पदोन्नतियां अथवा उनके समकक्ष एसीपी का लाभ देने की मांग की गई है।

औपबंधिक शिक्षकों के नियमितीकरण के साथ नियमित शिक्षकों के समान वेतन, वरिष्ठता, पदोन्नति और पेंशन संबंधी लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। वहीं, हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर लंबे समय से कार्यरत शिक्षा मित्रों को नियमित करने की मांग उठाई गई है।

शिक्षकों के स्थानांतरण के संबंध में संघ ने पूरे सेवाकाल में कम से कम एक बार गृह जनपद में स्थानांतरण का अवसर देने और सभी संवर्गों में पारदर्शी स्थानांतरण व्यवस्था लागू करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त गोल्डन कार्ड की विसंगतियां दूर कर ओपीडी सुविधा शामिल करने तथा विशिष्ट बीटीसी 2005 के उन शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की मांग की गई है, जो अब तक इससे वंचित हैं। इसमें छूटे हुए छह जनपदों के शिक्षकों को ओपीएस के दायरे में लाने की मांग प्रमुखता से रखी गई है।

शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ वार्ता कर तय हो समयसीमा

संघ ने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों को मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई के निर्देश देने का अनुरोध किया है। साथ ही शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक वार्ता आयोजित कर समस्याओं के समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।

ज्ञापन उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से दिगम्बर नेगी, मनोज तिवारी सहित प्रांतीय, जनपदीय एवं ब्लॉक पदाधिकारियों ने प्रेषित किया है।

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