पौड़ी

बीन नदी पुल का 50 प्रतिशत निर्माण पूरा, फरवरी 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य

23 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 150 मीटर लंबा डबल लेन पुल, यमकेश्वर के 82 गांवों को मिलेगा बारहमासी संपर्क

पौड़ी गढ़वाल। बैराज-चीला-हरिद्वार मार्ग पर बीन नदी में निर्माणाधीन पुल का करीब 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। लगभग 23 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल को फरवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने गुरुवार को निर्माण स्थल का निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समयसीमा में परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।

केंद्रीय सड़क निधि (सीआरएफ) के अंतर्गत अप्रैल 2026 में शुरू हुई इस परियोजना के तहत बीन नदी पर 150 मीटर लंबा डबल लेन पुल बनाया जा रहा है। पुल में 50-50 मीटर के तीन स्पान होंगे। इसका कैरिजवे 7.5 मीटर चौड़ा, जबकि फुटपाथ सहित कुल चौड़ाई 12 मीटर होगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुल का निर्माण पूरा होने से ऋषिकेश और हरिद्वार के बीच वैकल्पिक मार्ग पर आवागमन सुगम होगा। इसके साथ ही यमकेश्वर प्रखंड के डांडामंडल क्षेत्र के 82 गांवों सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों को बारहमासी संपर्क सुविधा का लाभ मिलेगा। विशेष रूप से बरसात के दौरान बीन नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को होने वाली परेशानी से राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के लिए मिलेगी राहत

वर्तमान में बीन नदी में पानी बढ़ने पर स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पुल बनने से बीमार व्यक्तियों को उपचार के लिए ऋषिकेश पहुंचाने, विद्यार्थियों की आवाजाही और ग्रामीणों के दैनिक कार्यों में सुविधा होगी। साथ ही, लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करने की जरूरत कम होने से समय और दूरी की बचत होगी। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों और स्थानीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग दुगड्डा के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह ने उन्हें परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी।

नीलकंठ मंदिर के समीप पार्किंग का भी किया निरीक्षण

बीन नदी पुल के निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी ने नीलकंठ मंदिर के समीप निर्माणाधीन बहुमंजिला पार्किंग का जायजा लिया। उन्होंने उपजिलाधिकारी चतर सिंह चौहान से निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी लेते हुए परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था सुव्यवस्थित करने तथा सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

रात्रिकालीन सुरक्षा और पर्यटन व्यवस्थाओं की समीक्षा

जिलाधिकारी ने राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन से पार्क क्षेत्र में रात्रिकालीन आवाजाही, वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल सफारी के संचालन के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने लक्ष्मणझूला थाना पुलिस से रात्रिकालीन गश्त की स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस और वन विभाग के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने वन क्षेत्र से लगे गांवों की स्थिति और स्थानीय निवासियों को हो रही समस्याओं की जानकारी भी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों की सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहब सिंह सैनी, अपर सहायक अभियंता शशि प्रकाश सहित पुलिस और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *