डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि, हाथों की स्वच्छता का संदेश
ऋषिकेश। पूर्व राष्ट्रपति एवं महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर परमार्थ निकेतन की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर वैश्विक हाथ धुलाई दिवस के तहत स्वच्छ हाथ, स्वस्थ जीवन का संदेश दिया गया।

परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानंद सरस्वती ने परमार्थ गुरुकुल के ऋषिकुमारों को साबुन से सही तरीके से हाथ धोने के लिए प्रेरित किया और साबुन वितरित किए। उन्होंने कहा कि हाथों की स्वच्छता संक्रमण और कई बीमारियों से बचाव का सरल एवं प्रभावी उपाय है। भोजन से पहले, शौचालय के उपयोग के बाद तथा खांसने या छींकने के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाना जरूरी है।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन ज्ञान, विनम्रता, विज्ञान और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने और देश को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया। विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए विज्ञान के साथ संस्कार और प्रगति के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यक्तिगत आदत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। बच्चों में बचपन से ही हाथ धोने की आदत विकसित करने के साथ विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छ जल एवं साबुन की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सभी से हाथों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

