पौड़ी

पौड़ी में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर जोर

पौड़ी। जनपद के युवाओं को स्थानीय संसाधनों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में गुरुवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी की अध्यक्षता में जिला कौशल समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला कौशल विकास योजना 2026-31 को जनपद की आर्थिक, भौगोलिक और रोजगार संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर चर्चा की गई।

बैठक में जिला उद्योग केंद्र, पर्यटन, श्रम, कृषि एवं उद्यान, ग्राम्य विकास, शिक्षा और विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत विभागीय योजनाओं और संसाधनों को एक मंच पर लाकर युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण, उद्यमिता और स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने पर चर्चा हुई।

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि युवाओं को उनकी रुचि, स्थानीय संसाधनों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवाओं को रोजगार, अप्रेंटिसशिप और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने पर्यटन, कृषि, उद्यमिता और डिजिटल क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का लाभ युवाओं तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

बैठक में इको टूरिज्म, उच्च मूल्य वाली पर्वतीय कृषि, कृषि प्रसंस्करण, डिजिटल एवं रिमोट इकोनॉमी, हरित कौशल, जलवायु अनुकूल आधारभूत संरचना तथा पारंपरिक हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक उद्योगों को कौशल विकास के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में विकसित करने पर विचार-विमर्श किया गया। इन क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षित कर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

विभिन्न विभागों की कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, रोजगार, उद्यमिता और आजीविका संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रशिक्षण, प्रमाणन, रोजगार उपलब्ध कराने और स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत बनाने पर बल दिया गया। आईटीआई एवं अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उद्योगों और नियोक्ताओं की सहभागिता बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के युवाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और प्रशिक्षण के बाद रोजगार संबंधी परिणामों की नियमित निगरानी करने पर जोर दिया गया।

क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह ने बताया कि जिला कौशल समिति का उद्देश्य कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, रोजगार और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के नियोजन, क्रियान्वयन, समीक्षा एवं अनुश्रवण के लिए जनपद स्तर पर साझा मंच उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से विभिन्न विभागों, प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के बीच समन्वय स्थापित कर युवाओं को प्रशिक्षण से रोजगार तक जोड़ने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान, परियोजना निदेशक डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, अग्रणी जिला प्रबंधक किशन रावत, आरसेटी निदेशक आशुतोष ममगाईं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पर्यटन विमल कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *