पर्यटन परिसंपत्तियों की नियमित समीक्षा के निर्देश, साहसिक पर्यटन क्लब होगा गठित
पौड़ी पार्किंग का संचालन जल्द शुरू करने को कहा, यातायात प्रबंधन से जोड़ने और वर्षभर पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की बनेगी कार्ययोजना
पौड़ी। जिला पर्यटन विकास समिति की बैठक बुधवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जनपद में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटन विभाग की परिसंपत्तियों के बेहतर संचालन, किराया वसूली, पार्किंग व्यवस्था, पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने सहित विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई।

बैठक में पर्यटन विभाग की ओर से किराए पर दी गई परिसंपत्तियों से प्राप्त होने वाले राजस्व की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और लंबित किराए की समयबद्ध वसूली के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटक आवास गृह बीरोंखाल एवं पोखड़ा तथा रैन बसेरा डांडा नागराजा सहित अन्य परिसंपत्तियों से लंबित किराया 30 सितंबर तक जमा करवाने को कहा। निर्धारित अवधि में किराया जमा न होने पर नियमानुसार अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने जिला पर्यटन अधिकारी को भविष्य में किराए के भुगतान के लिए तीन माह से अधिक की अवधि नहीं देने तथा लंबित धनराशि की प्रभावी वसूली सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही सतपुली स्थित हट्स एवं मत्स्य केंद्र यानी एंगलर्स हट्स के संचालन और किराया वसूली की स्थिति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन विभाग की अन्य परिसंपत्तियों की उपयोगिता, संचालन और राजस्व प्राप्ति की स्थिति की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
पौड़ी पार्किंग का जल्द शुरू होगा संचालन
पौड़ी में पर्यटन आवास गृह के समीप निर्मित पार्किंग के संबंध में बताया गया कि उसका हस्तांतरण हो चुका है। जिलाधिकारी ने पार्किंग का संचालन शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्किंग का उपयोग शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु और व्यवस्थित करने के उद्देश्य से किया जाए, ताकि यातायात का दबाव कम हो। इसी क्रम में लैंसडाउन में पार्किंग से संबंधित समस्या का भी यातायात प्रबंधन की दृष्टि से समाधान करने के निर्देश दिए गए।
वर्षभर होंगी साहसिक पर्यटन गतिविधियां
जिलाधिकारी ने जनपद में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर साहसिक पर्यटन क्लब गठित करने की दिशा में कार्य करने को कहा। उन्होंने ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, वन्यजीव सफारी, कयाकिंग सहित विभिन्न साहसिक एवं प्रकृति आधारित गतिविधियों के लिए माहवार वार्षिक पर्यटन गतिविधि कैलेंडर तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वर्षभर पर्यटन गतिविधियां संचालित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और जनपद के पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय युवाओं को साहसिक खेलों का प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
ताड़केश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण पर भी चर्चा
बैठक में ताड़केश्वर मंदिर के सौंदर्यीकरण और आवश्यक मरम्मत कार्यों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने डीएफओ गढ़वाल को मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं मरम्मत के लिए उपयुक्त डिजाइन तैयार करवाकर प्रस्तुत करने तथा संबंधित कार्यों का प्राक्कलन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, प्रशिक्षु उपजिलाधिकारी मीनाक्षी भाटिया, सहायक कोषाधिकारी अवधेश चंद्र, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक शर्मा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
