लम्पी स्किन डिजीज की रोकथाम को पौड़ी में जागरूकता अभियान तेज
गांव-गांव पहुंचकर पशुपालकों को बताए जा रहे बचाव के उपाय, उफल्डा में लगा जागरूकता शिविर
पौड़ी। जनपद में लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम और पशुपालकों को बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए पशुपालन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता शिविर आयोजित कर पशुपालकों को बीमारी के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपाय बताए जा रहे हैं।

इसी क्रम में राजकीय पशु चिकित्सालय श्रीनगर के अंतर्गत ग्राम उफल्डा में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 25 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया, जबकि 20 पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया। पशु आवासों और आसपास के क्षेत्रों में फॉगिंग तथा दवा का छिड़काव कर मक्खी-मच्छर और अन्य वाहक कीटों की रोकथाम के उपाय भी किए गए।
विभागीय अधिकारियों ने पशुपालकों को बताया कि तेज बुखार, त्वचा पर सूजन व गांठें, भूख और चारा खाने में कमी, दूध उत्पादन घटना, पैरों में सूजन तथा मुंह से लार निकलना लम्पी स्किन डिजीज के प्रमुख लक्षण हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखने और तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी गई।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने पशुपालकों से गौशालाओं और पशु आवासों को साफ-सुथरा रखने तथा रोगी पशु के लिए चारा-पानी की अलग व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने मक्खी-मच्छर और अन्य कीटों की रोकथाम के लिए नियमित रूप से आवश्यक उपाय अपनाने पर जोर दिया।
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि लम्पी स्किन डिजीज पशुओं में होने वाला रोग है और यह मनुष्यों में नहीं फैलता। उन्होंने पशुपालकों से घबराने के बजाय सजग रहने तथा बीमारी के लक्षण सामने आने पर समय पर उपचार कराने की अपील की। पशु चिकित्सा सहायता और अधिक जानकारी के लिए नजदीकी पशु चिकित्सालय अथवा विभागीय टोल फ्री नंबर 1962 पर संपर्क किया जा सकता है।
शिविर में पार्षद नरेंद्र सिंह रावत, पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिव्या नेगी और वैक्सीनेटर आनंद सिंह नेगी मौजूद रहे।
