पैडुल गांव में खुला विधिक सेवा केंद्र, ग्रामीणों को गांव में ही मिलेगी निःशुल्क कानूनी सहायता
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने स्थापित किया केंद्र, ग्रामीणों को विधिक अधिकारों और योजनाओं की दी जानकारी
पौड़ी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मेगा अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से ग्रामसभा पैडुल में विधिक सेवा केंद्र की स्थापना की गई। प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने केंद्र का उद्घाटन किया। केंद्र के माध्यम से पात्र एवं जरूरतमंद ग्रामीणों को अब गांव में ही निःशुल्क कानूनी सहायता और परामर्श उपलब्ध हो सकेगा।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, उनके कानूनी अधिकारों तथा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के मेगा अभियान का उद्देश्य विधिक सेवाओं को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाना है, ताकि आर्थिक या अन्य कारणों से कानूनी सहायता प्राप्त करने में असमर्थ पात्र लोगों को समय पर निःशुल्क सहायता मिल सके।
उन्होंने बताया कि विधिक सेवा केंद्र के माध्यम से ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ आवश्यकता के अनुसार कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र खुलने से छोटी-छोटी कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए ग्रामीणों को जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम होगी।
इसके अलावा पात्र लोगों को विभिन्न विधिक योजनाओं से जोड़ने और जरूरतमंदों को समय पर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में भी केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अधिकारियों ने ग्रामीणों से केंद्र की सेवाओं का लाभ उठाने तथा अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को भी इसकी जानकारी देने की अपील की।
कार्यक्रम में ज्येष्ठ उप प्रमुख पौड़ी अर्चना तोपाल, रिटेनर अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, ग्राम प्रधान पैडुल रीमू देवी, ग्राम प्रधान मोल्ठी हरेन्द्र सिंह, अधिकार मित्र सावित्री रावत, सोनम ममगाईं सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
