पौड़ी

जिला कारागार पौड़ी में श्रद्धा और उल्लास से मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

भजन-कीर्तन से गूंजा कारागार परिसर, बंदियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी लिया हिस्सा

पौड़ी। जिला कारागार पौड़ी में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कारागार परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें बंदियों के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

जन्माष्टमी के अवसर पर दिनभर कारागार परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। स्थानीय महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के भजन एवं भक्ति गीत प्रस्तुत किए। वहीं बंदियों ने भी पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन में सहभागिता की। सामूहिक भजन-कीर्तन से पूरा परिसर श्रीकृष्ण की भक्ति से सराबोर नजर आया।

कारागार अधीक्षक कौशल कुमार ने बताया कि जिला कारागार पौड़ी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन करीब 30 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है। वर्षों पुरानी इस परंपरा में स्थानीय लोगों की सहभागिता भी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कारागार में आयोजित होने वाला यह धार्मिक आयोजन अब आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता का भी माध्यम बन गया है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन बंदियों को सकारात्मक वातावरण प्रदान करने के साथ उन्हें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे कार्यक्रमों से बंदियों में सकारात्मक सोच, आत्मिक शांति और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने की भावना को बढ़ावा मिलता है।

कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ था, इसलिए कारागार परिसर में जन्माष्टमी का आयोजन विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व रखता है। लंबे समय से चली आ रही इस परंपरा में स्थानीय लोगों की सहभागिता इसे और अधिक आत्मीय बनाती है।

इस दौरान कारागार के कर्मचारी, निरुद्ध बंदी और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।

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