महरगांव में राहत और पुनरुद्धार कार्य तेज, बहाल हो रही बुनियादी सुविधाएं
पौड़ी। द्वारीखाल विकासखंड के आपदा प्रभावित महरगांव में जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनरुद्धार कार्य तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की निगरानी में प्रभावित क्षेत्र में पेयजल, आवागमन और राहत सामग्री समेत आवश्यक सुविधाओं की बहाली का काम लगातार जारी है। गांव में अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है।

आपदा की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया दुर्गम मार्ग से करीब तीन किलोमीटर पैदल चलकर महरगांव पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। अंतिम शव बरामद होने तक वह मौके पर मौजूद रहीं। उन्होंने प्रभावित परिवारों से संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
आपदा में क्षतिग्रस्त जल जीवन मिशन की मुख्य पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर पूरी कर ली गई है। इससे गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु हो गई है। वहीं, आवागमन और राहत सामग्री की आवाजाही बनाए रखने के लिए क्षेत्र में जेसीबी मशीनें लगातार तैनात हैं। संपर्क मार्ग से मलबा हटाने और आवश्यकतानुसार मार्ग को सुचारु करने का कार्य भी जारी है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा ने बताया कि पशुपालन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल पशुओं का उपचार किया। पशुपालकों को राहत देने के लिए 10 बैग चारा भेली उपलब्ध कराई गई है। दुर्गम क्षेत्र तक चारा पहुंचाने में जेसीबी मशीन और ग्रामीणों का सहयोग लिया गया।
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को सूखा राशन किट, दैनिक उपयोग के बर्तन और मौसम को देखते हुए कंबल भी उपलब्ध कराए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारी गांव में लगातार मौजूद रहकर प्रभावित परिवारों की जरूरतों की निगरानी कर रहे हैं।
ग्राम प्रधान अमित सिंह ने कहा कि संकट की घड़ी में जिलाधिकारी के नेतृत्व में प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता के साथ प्रभावित परिवारों का साथ दिया। राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ क्षतिग्रस्त मार्ग और पेयजल आपूर्ति को भी जल्द बहाल किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महरगांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक राहत एवं पुनरुद्धार कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने पेयजल, विद्युत, सड़क, पशुधन और राहत सामग्री समेत आवश्यक सेवाओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
