80वें स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगे के रंग में रंगा पौड़ी, प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने फहराया तिरंगा
पौड़ी। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पूरा पौड़ी जनपद देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। शहर से लेकर गांव तक तिरंगे की आन, बान और शान के साथ भारत माता के जयघोष गूंजते रहे। जिला मुख्यालय में प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। इस दौरान राष्ट्रगान के बीच पूरा कलेक्ट्रेट परिसर देशभक्ति के भाव से सराबोर हो गया।

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने एजेंसी चौक से कलेक्ट्रेट तक भव्य प्रभात फेरी निकाली। हाथों में तिरंगा और जुबां पर देशभक्ति के नारों के साथ निकली प्रभात फेरी ने पूरे शहर में राष्ट्रीय उत्साह का संचार किया।
संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित मुख्य समारोह का शुभारंभ प्रभारी मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, विधायक राजकुमार पोरी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया और नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने नशामुक्त भारत अभियान के तहत हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत की और उपस्थित लोगों को नशामुक्त भारत की शपथ दिलाई।
प्रभारी मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आजादी केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण कर राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी जिम्मेदारी दोहराने का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देश और उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे हैं। विकसित भारत के संकल्प में उत्तराखंड पूरी मजबूती से अपनी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि पौड़ी वीर सैनिकों की धरती है, जिसने देश को ऐसे वीर सपूत दिए हैं जिन्होंने तिरंगे की आन, बान और शान के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने युवाओं और बच्चों से नशे से दूर रहने, लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा एवं सम्मान, गांवों की मजबूती तथा प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी उन्होंने जोर दिया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध कराता है। संवेदनशील, जवाबदेह और जन-केंद्रित प्रशासन हमारी प्राथमिकता है। आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान, विकास कार्यों की निगरानी तथा तकनीक एवं नवाचार के माध्यम से जनसेवाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।
नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी ने स्वच्छ, सुंदर एवं विकसित पौड़ी के निर्माण के लिए जनभागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने, स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण में सहयोग देने तथा युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने की अपील की।
समारोह में अंडर-14 एवं अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग की क्रॉस कंट्री दौड़ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अतिथियों ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति गीतों, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से प्रेक्षागृह को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। प्रस्तुतियों के दौरान तालियों की गड़गड़ाहट और भारत माता के जयघोष से पूरा प्रेक्षागृह गूंजता रहा।
इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों, वीर सैनिकों और वीर नारियों को पुष्पगुच्छ, शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने देश की आजादी और रक्षा के लिए दिए गए उनके त्याग एवं बलिदान को नमन किया।
पुलिस लाइन, विकास भवन सहित जनपद के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों एवं संस्थानों में भी ध्वजारोहण किया गया। अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने राष्ट्रध्वज को सलामी देकर देश के प्रति सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति की भावना व्यक्त की।
समारोह के बाद रांसी स्टेडियम के समीप ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने स्वयं पौधरोपण कर अभियान में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि पौधा लगाना केवल शुरुआत है, उसकी देखभाल कर उसे वृक्ष बनाना हमारी वास्तविक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष आरती नेगी, जिला पंचायत सदस्य शांति देवी, डीएफओ महातिम यादव, अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन, राज्य आंदोलनकारी, पूर्व सैनिक, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, मीडिया प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र खंकरियाल ने किया।
