पद्म श्री जसपिंदर नरूला ने परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में किया सहभाग
ऋषिकेश। हिंदी एवं पंजाबी सिनेमा की सुप्रसिद्ध पार्श्व एवं शास्त्रीय गायिका तथा पद्म श्री सम्मान से अलंकृत जसपिंदर नरूला ने शुक्रवार को परमार्थ निकेतन पहुंचकर मां गंगा के दर्शन, स्नान एवं पूजन किए। उन्होंने विश्वविख्यात परमार्थ गंगा आरती में श्रद्धापूर्वक सहभाग कर विश्व शांति, सद्भाव और मंगल की कामना की।
इस अवसर पर जसपिंदर नरूला ने कहा कि मां गंगा भारत की आत्मा हैं। गंगा तट पर पहुंचते ही मन को अद्भुत शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन में प्रकृति, अध्यात्म, भक्ति और सेवा का सुंदर संगम देखने को मिलता है।

उन्होंने परमार्थ निकेतन के गंगा आरती कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि गंगा आरती के माध्यम से देशभक्ति और देवभक्ति का जो संदेश दिया जा रहा है, उसने अनेक लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।
ऋषिकुमारों के भजनों ने किया भावविभोर
गंगा आरती के दौरान परमार्थ निकेतन के नन्हे ऋषिकुमारों ने भक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से भजनों की प्रस्तुति दी। बाल ऋषिकुमारों के निर्मल स्वर और भक्ति से ओतप्रोत गायन ने जसपिंदर नरूला को भावुक कर दिया। संगीत साधना को जीवन समर्पित करने वाली जसपिंदर नरूला ने नन्हे साधकों की भक्ति और अनुशासन की सराहना की।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती द्वारा रचित सद्साहित्य भी जसपिंदर नरूला को आशीर्वाद स्वरूप भेंट किया गया। उन्होंने परमार्थ निकेतन में अपने अनुभव को आत्मिक और आनंददायक बताते हुए स्वामी चिदानन्द सरस्वती के प्रति आभार व्यक्त किया।
जसपिंदर नरूला ने हिंदी-पंजाबी फिल्मों के साथ गुरबाणी, भक्ति एवं धार्मिक संगीत में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। फिल्म प्यार तो होना ही था के शीर्षक गीत के लिए उन्हें वर्ष 1999 में फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा मिशन कश्मीर, मोहब्बतें, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी और बंटी और बबली जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी आवाज दी है।
इस अवसर पर जसपिंदर नरूला के पति प्रमोद कौल, गायिका सलोनी शाह, आर.के. प्रोडक्शन से ज्योतिका भट्ट एवं मधु तथा भारतीय सेना के सैनिक नरेंद्र लाल ने भी मां गंगा का दर्शन-पूजन कर गंगा आरती में सहभाग किया। सभी ने राष्ट्र, समाज एवं विश्व के कल्याण, शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।
