विकास परियोजनाओं की समीक्षा, 15 दिन में देनी होगी प्रगति रिपोर्ट
पौड़ी। जनपद में निर्माणाधीन एवं स्वीकृत विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को एनआईसी कक्ष में विगत एक वर्ष में स्वीकृत प्रमुख नवाचारी परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए धीमी गति वाले कार्यों को फास्टट्रैक करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजनाओं की गुणवत्ता, टिकाऊपन और निर्धारित समयसीमा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित करते हुए प्रत्येक 15 दिन में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख परियोजनाओं की प्रतिमाह समीक्षा की जाएगी।
राहु मंदिर से लेकर इको पार्क तक कार्यों की समीक्षा
राहु मंदिर निर्माण की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य द्वार का डिजाइन शीघ्र प्रस्तुत करने, खरीद संबंधी कार्य समय पर पूरा करने और निर्माण की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। जिला पर्यटन अधिकारी को मंदिर समिति के साथ स्थल निरीक्षण करने तथा घाट निर्माण के प्रस्ताव पर शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने को कहा गया।
पालकोट इको एडवेंचर पार्क एवं जिपलाइन के निर्माण में देरी पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस दिए जाने की जानकारी अधिकारियों ने दी। पौड़ी इको एडवेंचर पार्क में साइनेज और मड कैफे के कार्यों की समीक्षा करते हुए बेहतर गुणवत्ता के पत्थरों का उपयोग करने तथा फिनिशिंग, टिकाऊपन और सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
पुरानी जेल संग्रहालय में म्यूरल डिजाइन और इंटीरियर को शीघ्र अंतिम रूप देने तथा बाहर प्रस्तावित पार्किंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मोहनचट्टी स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में आयुर्वेद विलेज, हाईटेक योग हॉल, पंचकर्म कक्ष और हर्बल गार्डन के कार्यों को भी गुणवत्तापरक तरीके से पूरा करने को कहा गया।
किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज पर जोर
जिलाधिकारी ने कृषि उत्पादों के विपणन को मजबूत करने के लिए जनपद में कोल्ड स्टोरेज विकसित करने के निर्देश दिए। एकेश्वर में 30 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज का निर्माण तत्काल शुरू कराने तथा आवश्यकता के अनुसार कम से कम पांच विकासखंडों में उत्पादन और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज विकसित करने को कहा गया।
उन्होंने फार्म-टू-फोक व्यवस्था मजबूत करने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट और कलेक्शन वैन की व्यवस्था पर जोर दिया, जिससे किसानों के उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को बेहतर बनाया जा सके।
विज्ञान संग्रहालय और पुस्तकालय की भी समीक्षा
अंबेडकर विज्ञान संग्रहालय में शेष व्यवस्थाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए इन्वर्टर, आरओ और हिंदी साइनेज बोर्ड की व्यवस्था करने को कहा गया। जिला पुस्तकालय की समीक्षा में अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध पुस्तकों के डिजिटलीकरण का कार्य पूरा हो चुका है।
कोटद्वार में प्रस्तावित व्यायामशाला के निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने परियोजना का 10 दिन के भीतर अनुभवी आर्किटेक्ट से थ्री-डी डिजाइन तैयार कराने तथा इसे आधुनिक और सुविधायुक्त स्वरूप देने के निर्देश दिए। कंडोलिया खेल मैदान में समतलीकरण, गेट निर्माण और घास के कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी जिला उद्यान अधिकारी को दी गई।
50 विद्यालयों और 16 अस्पतालों की भी समीक्षा
समुन्नत/उत्कर्ष विद्यालयों के लिए चिन्हित 50 विद्यालयों के विकास कार्यों का एस्टीमेट शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा गया। वहीं, जनपद के 16 अस्पतालों में उपकरणों और अवस्थापना सुविधाओं की समीक्षा करते हुए लोगों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
60 बचपन सेंटरों की समीक्षा में 18 सेंटर पूर्ण होने की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने पूर्ण सेंटरों की रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने और शेष कार्यों का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए।
अनुपयोगी पंचायत भवनों का जनहित में होगा उपयोग
जिलाधिकारी ने अनुपयोगी पंचायत भवनों को पंचायत, स्वयं सहायता समूहों अथवा अन्य विभागों के माध्यम से जनहित में उपयोग करने के निर्देश दिए। कॉलेज मॉडर्नाइजेशन, उच्च शिक्षा और करियर काउंसलिंग के लिए स्मार्ट क्लास, फर्नीचर एवं अन्य सुविधाओं के विकास हेतु संयुक्त मजिस्ट्रेट को नोडल अधिकारी बनाया गया।
नशामुक्ति, साइबर क्राइम और गढ़वाली भाषा की पुस्तकों से संबंधित जानकारी संकलित कर पुस्तिका तैयार करने तथा पूर्व में वितरित पुस्तिकाओं की निगरानी के निर्देश भी दिए गए।
360 नए लाभार्थियों की पेंशन स्वीकृत
पेंशन संतृप्तिकरण अभियान की समीक्षा में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि अब तक 360 नए पात्र व्यक्तियों को चिन्हित कर पेंशन स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी ने सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन का लाभ सुनिश्चित करने तथा लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के साथ गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही अथवा गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला पंचायती राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, डीएसटीओ राम सलोने, जिला शिक्षाधिकारी प्राथमिक अंशुल बिष्ट, लोनिवि के अधिशासी अभियंता विवेक सेमवाल, रीना नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
