तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक : डॉ. धन सिंह रावत
श्रीनगर, श्रीकोट और खिर्सू में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
पौड़ी/श्रीनगर। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मंगलवार को श्रीनगर, श्रीकोट और खिर्सू क्षेत्र में भव्य तिरंगा यात्राएं निकाली गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में आयोजित यात्राओं में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने हाथों में तिरंगा लेकर उत्साहपूर्वक भाग लिया। देशभक्ति के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

श्रीकोट पेट्रोल पंप से शुरू हुई तिरंगा यात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुए मेडिकल कॉलेज पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। श्रीनगर और खिर्सू में भी निकाली गई यात्राओं में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भागीदारी रही। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया।
इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान के साथ राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से 15 अगस्त को अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में सहभागी बनने का आह्वान किया।
डॉ. रावत ने कहा कि देश की आजादी के लिए असंख्य वीरों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। शहीदों के त्याग, संघर्ष और बलिदान की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेशभर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश की आजादी के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों के जीवन एवं योगदान पर आधारित निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने छात्र-छात्राओं और युवाओं को नशा उन्मूलन की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
तिरंगा यात्रा में प्रो. विनिता रावत, प्रो. दीपा हटवाल, प्रो. अनिल द्विवेदी, डॉ. सुरेंद्र सिंह नेगी, डॉ. बीपी नैथानी, तहसीलदार दीपक भंडारी, खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत सहित मुकेश बहुगुणा, मुकेश काला, गणेश भट्ट, यशीश रावत और अतुल उनियाल समेत विभिन्न संस्थानों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, युवा एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
