पौड़ी में बेमौसमी बटन मशरूम उत्पादन शुरू, महिला स्वरोजगार को मिल रही नई मजबूती
होटल, रेस्टोरेंट और शादी समारोहों से बढ़ी मांग, गर्मियों में भी मिलेगा ताजा लोकल मशरूम
पौड़ी गढ़वाल। ग्राम्य विकास विभाग की ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत विकासखण्ड पौड़ी में “हिलांस मशरूम इकाई” द्वारा बेमौसमी बटन मशरूम का सफल उत्पादन शुरू किया गया है।
संकेत स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित इस इकाई में गर्मियों के दौरान भी ताजा बटन मशरूम तैयार किया जा रहा है। परियोजना के तहत विभाग के अनुपयोगी भवन को आधुनिक मशरूम उत्पादन केंद्र में बदला गया है। वर्तमान में यूनिट की पहली उत्पादन इकाई में लगाए गए 500 मशरूम बैग से प्रतिदिन ताजा मशरूम की हार्वेस्टिंग की जा रही है।

परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट ने बताया कि पौड़ी की अनुकूल जलवायु के कारण गर्मियों में भी बटन मशरूम उत्पादन संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार में उत्पाद को अच्छा मूल्य मिल रहा है तथा होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग व्यवसाय और शादी समारोह आयोजकों से लगातार मांग बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि 5 मई से शुरू हुए उत्पादन के बाद अब तक लगभग 245 किलोग्राम मशरूम का विक्रय किया जा चुका है। आगामी 70 से 75 दिनों में 1100 से 1200 किलोग्राम उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही दूसरी यूनिट में 25 मई से करीब 700 अतिरिक्त मशरूम बैग लगाए जाएंगे, जिससे वर्षभर निरंतर उत्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।
परियोजना के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। महिलाएं मशरूम बैग तैयार करने, हार्वेस्टिंग, ग्रेडिंग और पैकेजिंग जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे महिला उद्यमिता और ग्रामीण आजीविका को मजबूती मिलने लगी है।
ग्रामोत्थान परियोजना के तहत शुरू हुई यह पहल अब ग्रामीण स्वरोजगार, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाले मॉडल के रूप में देखी जा रही है। भविष्य में इस मॉडल को जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार देने की योजना है।
