डीएम स्वाति भदौरिया ने लैंसडाउन–जयहरीखाल क्षेत्र का किया निरीक्षण
*महाविद्यालय निर्माण, तहसील व्यवस्थाओं और राष्ट्रीय राजमार्ग कार्यों की समीक्षा, गुणवत्ता व समयबद्धता के दिए निर्देश*
पौड़ी गढ़वाल। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को लैंसडाउन एवं जयहरीखाल क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न विभागीय व्यवस्थाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वच्छता एवं समयबद्ध कार्य निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए तथा आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से कार्य संचालन एवं जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
निरीक्षण की शुरुआत लैंसडाउन तहसील से हुई, जहां जिलाधिकारी ने राजस्व लेखाकार अनुभाग, कानून अनुभाग, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्वच्छता, अभिलेखों एवं मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यालय परिसर में साइनेज लगाने तथा स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने पीआरडी एवं होमगार्ड स्वयंसेवकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा तहसील कर्मचारियों के आवास निर्माण हेतु प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही उपस्थिति पंजिका, आपदा कार्यों से संबंधित पत्रावलियों एवं एग्री स्टॉक की प्रगति की भी समीक्षा की।
इसके बाद जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन का निरीक्षण कर परिसर में साफ-सफाई, पेंटिंग, पौधरोपण एवं डेकोरेटिव लाइट्स के माध्यम से सौंदर्यीकरण कार्य एक माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने भवन के ऐतिहासिक महत्व को संरक्षित करने के उद्देश्य से सूचना पट्ट लगाने पर भी बल दिया।
जयहरीखाल विकासखंड अंतर्गत सकमुंडा पेयजल टैंक के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी क्षेत्रों में निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पंपिंग बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेयजल स्थलों पर साइन बोर्ड लगाने एवं जिला योजना से निर्मित योजनाओं का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।
स्यालगांव स्थित भक्तदर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल के निरीक्षण के दौरान प्राचार्या प्रो. एल.आर. राजवंशी ने छात्र-छात्राओं के लिए परिवहन सुविधा की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा दीवार, तारबाड़ एवं सीसीटीवी कैमरों जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण करते हुए कार्यदायी संस्था मंडी परिषद को 30 जून तक निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। वहीं प्रस्तावित पीजी ब्लॉक भवन स्थल पर कार्य न होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल मजदूरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पुस्तकालय भवन एवं सभागार की व्यवस्थाओं की सराहना भी की।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन गुमखाल–सतपुली राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, यातायात प्रबंधन एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। सड़क किनारे मलबा पड़े रहने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि रोस्टर के अनुसार कनिष्ठ अभियंता कार्यस्थल पर उपस्थित रहें तथा निर्माण कार्य अधूरा न छोड़ा जाए। ट्रैफिक प्रबंधन को प्रभावी बनाने, जेसीबी ऑपरेटरों की तैनाती, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं यातायात को 10 मिनट से अधिक बाधित न करने के निर्देश भी दिए गए।
धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव सुनिश्चित करने तथा बरसात से पहले 5 जून तक 6 किलोमीटर ब्लैक टॉप कार्य पूर्ण करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने रात्रिकाल में भी कटिंग कार्य जारी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य चरणबद्ध एवं सुनियोजित ढंग से संचालित किए जाएं, ताकि यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, अधिशासी अभियंता विवेक कुमार, जल निगम अधिकारी अजय बेलवाल, प्रभारी तहसीलदार विद्यानंद सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
