बदतमीजी बर्दाश्त नहीं: बंशीधर भगत के बयान पर भड़के मोहित डिमरी, माफी की उठी मांग
देहरादून। उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर भाषा की मर्यादा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा के वरिष्ठ विधायक बंशीधर भगत द्वारा विधानसभा के भीतर ‘नारी शक्ति वंदन’ जैसे संवेदनशील विषय पर कथित रूप से अमर्यादित शब्दों के प्रयोग पर सियासी घमासान तेज हो गया है।
पूर्व में रुद्रप्रयाग विधानसभा से चुनाव लड़ चुके मोहित डिमरी ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विधायक और सत्ताधारी दल को आड़े हाथों लिया है।
“विधायक हैं या सड़क छाप मवाली?”
मोहित डिमरी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में बंशीधर भगत की भाषा को ‘मानसिक दिवालियापन’ करार दिया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार ‘नारी शक्ति वंदन’ की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उसके वरिष्ठ विधायक सदन के भीतर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हैं।
डिमरी ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र के मंदिर में बैठे जनप्रतिनिधि की भाषा ऐसी होनी चाहिए।
पुराने बयानों का भी उठाया मुद्दा
डिमरी ने आरोप लगाया कि यह पहला मौका नहीं है जब विधायक भगत विवादित बयान को लेकर चर्चा में आए हैं। उन्होंने पूर्व के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि आस्था से जुड़े विषयों पर भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं।
उन्होंने कहा कि ऐसी भाषा न केवल महिलाओं, बल्कि समाज की भावनाओं का भी अपमान है।
“पहाड़ की महिलाएं जवाब देना जानती हैं”
उत्तराखंड राज्य निर्माण में महिलाओं की भूमिका का जिक्र करते हुए डिमरी ने कहा कि देवभूमि की महिलाएं शांत जरूर हैं, लेकिन अपमान सहन नहीं करेंगी।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
माफी की मांग तेज
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोग विधायक से सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक बयानबाजी भी बता रहे हैं।
डिमरी ने भाजपा नेतृत्व से भी सवाल किया है कि क्या ऐसे बयानों पर कोई कार्रवाई की जाएगी।
