मेहनत का मिला मान: 21 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान
जिलाधिकारी ने दिया सफलता का मंत्र, कहा—“निरंतर प्रयास ही पहचान बनाता है”
उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपद पौड़ी गढ़वाल के 21 मेधावी छात्र-छात्राओं को मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक गरिमामय समारोह में सम्मानित किया गया। इनमें हाईस्कूल के 14 तथा इंटरमीडिएट के 7 विद्यार्थी शामिल हैं, जिन्होंने श्रेष्ठता सूची में स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान से प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन होता है और अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। “कड़ी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अपनी पहचान बनाना बड़ी उपलब्धि है,” उन्होंने कहा।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को सफलता का मंत्र देते हुए निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने अभिभावकों की भूमिका को भी अहम बताते हुए कहा कि बच्चों की सफलता में परिवार का सहयोग और मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद निरंतर प्रयास से उत्कृष्ट परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
संवाद में झलकी संघर्ष और सपनों की कहानी
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव, संघर्ष और भविष्य की योजनाओं को साझा किया। उनके प्रेरक विचारों से सभागार का माहौल उत्साह और गर्व से भर गया। कई छात्रों ने बताया कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
विद्यार्थियों की करियर रुचि में इंजीनियरिंग क्षेत्र प्रमुख रूप से सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि ऐसे विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही ऑनलाइन कोचिंग सुविधा शुरू करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
निरंतर मूल्यांकन से सुधरे परिणाम
जिलाधिकारी के निर्देशन में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन किया गया। मासिक परीक्षाओं के माध्यम से कमजोरियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने का प्रयास किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम इस वर्ष देखने को मिले।
मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना ने बताया कि शिक्षकों, अभिभावकों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम संभव हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष उच्च श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
छात्रों ने साझा किए सफलता के सूत्र
समारोह में विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
महक ने कहा कि आत्मविश्वास और धैर्य सफलता की कुंजी है।
सार्थक बुड़ाकोटी ने नियमित अध्ययन और समर्पण को जरूरी बताया।
आयुष ने परीक्षा को चुनौती के रूप में स्वीकार करने की बात कही।
निहारिका ने अन्य विद्यार्थियों को टॉपर्स से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
कई गणमान्य रहे मौजूद
कार्यक्रम में समग्र शिक्षा समन्वयक रीना रावत, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी विद्या शरण, प्रधानाचार्य मनोज कुमार गुनियाल, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीताराम पोखरियाल, शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत ने किया।
यह सम्मान समारोह न केवल मेधावी विद्यार्थियों के लिए गर्व का क्षण बना, बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणा का स्रोत भी साबित हुआ।
