बारातघर से आने वाले पानी ने छीनी परिवार की नींद, हादसे का डर
द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल। विकासखंड द्वारीखाल के ग्राम बमोली निवासी जयसिंह रावत ने पंचायत भवन (बारातघर) से आने वाले बरसाती पानी के कारण अपने मकान को हो रहे नुकसान को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका आरोप है कि वर्ष 2023-24 में बारातघर की मरम्मत के बाद जल निकासी व्यवस्था प्रभावित हो गई, जिसके चलते बरसात का पानी सीधे उनके घर की ओर आने लगा है।

जयसिंह रावत ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात के दौरान बारातघर से आने वाले पानी के दबाव के कारण उनके मकान की एक साइड की दीवार टूट गई थी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि गांववासियों की मदद से रातोंरात घर खाली करना पड़ा। मकान को पूरी तरह ढहने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने बल्लियों को सहारा देने हेतु बांस के डंडे लगाए थे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पिछले वर्ष ग्रामसभा के प्रस्ताव रजिस्टर में भी अपनी समस्या दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीण के अनुसार बारिश होते ही घर के अंदर पानी भर जाता है और परिवार के सदस्यों को बर्तनों से पानी निकालकर बाहर फेंकना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अभी मानसून पूरी तरह शुरू भी नहीं हुआ है, लेकिन परिवार भय के साये में जी रहा है। रात के समय भी घर के अंदर सोना मुश्किल हो गया है क्योंकि किसी भी समय मकान को और नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।
जयसिंह रावत ने चेतावनी दी कि यदि आगामी दिनों में लगातार और तेज बारिश हुई तो मकान को गंभीर क्षति पहुंच सकती है तथा जान-माल का बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी द्वारीखाल को लिखित पत्र देकर समस्या से अवगत कराया है और शीघ्र समाधान की मांग की है।
ग्रामीण ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर उचित जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बरसात के मौसम में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वहीं क्षेत्र के ग्रामीणों का भी कहना है कि मामले का जल्द समाधान किया जाना आवश्यक है, जिससे प्रभावित परिवार को राहत मिल सके।
