अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने को विधानसभा घेराव, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित वीआईपी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मंगलवार को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने देहरादून में विधानसभा घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने एलआईसी बिल्डिंग से रैली निकालकर विधानसभा कूच किया, जिसे पुलिस ने रिस्पना पुल के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।

बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद आंदोलनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मंच की नेता कमला पंत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महिला हितैषी होने का दिखावा कर रही है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन कथित वीआईपी आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
मंच की निर्मला बिष्ट ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं से जुड़े गंभीर मुद्दों—स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, बढ़ते अपराध और जंगली जानवरों के हमलों—पर ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जबकि सरकार प्रतीकात्मक कार्यक्रमों तक सीमित है।
वहीं उमा भट्ट और ऊषा भट्ट ने भी सरकार पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जनप्रतिनिधियों का घेराव किया जाएगा।
विधानसभा घेराव में पूर्व कमिश्नर एस.एस. पांगती, ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) सर्वेश डंगवाल, पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल रहे।
