जल संकट पर उबाल: बूंद-बूंद को तरसा भरदार, सड़कों पर उतरने की चेतावनी
रुद्रप्रयाग। भरदार क्षेत्र में पेयजल संकट गहराने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं में लापरवाही और अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक प्रत्याशी मोहित डिमरी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में उन्होंने क्वीलाखाल–सौंदा पंपिंग पेयजल योजना (फेज-2) को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बताया। उनका कहना है कि कार्यदायी संस्था यूनिप्रो टेक्नो इंफ्रास्ट्रक्चर की लापरवाही से करीब 20 गांवों की 11 हजार आबादी पानी के लिए तरस रही है, जबकि वर्ष 2024 की तय समयसीमा बीतने के बाद भी योजना अधूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “हर घर जल” अब “नल कमीशन मिशन” बन गया है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस संस्था को काली सूची में डालने की संस्तुति की गई थी, उसके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
भरदार क्षेत्र में प्राकृतिक जल स्रोत सूखने से स्थिति और गंभीर हो गई है। ग्रामीण महिलाएं मीलों पैदल चलकर पानी ढोने को मजबूर हैं, जबकि कपड़े धोने और अन्य जरूरतों के लिए दूर-दराज के गधेरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जल संचयन की व्यवस्था न होने से पशुधन पर भी संकट गहराने लगा है।
इधर, भरदारी गाढ़ पर प्रस्तावित मोटर पुल का निर्माण कार्य भी अधूरा पड़ा है। सेमलता–कफना–सतनी–सौराखाल मोटरमार्ग पर पुल न होने से बरसात के दौरान कई गांवों का संपर्क कट जाता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्य में देरी से स्कूली बच्चों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मोहित डिमरी ने प्रशासन से दोषी संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों परियोजनाओं का कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र की जनता के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
