रुड़की

स्कूल टाइमिंग में बदलाव का प्रस्ताव, एनईपी-एनसीएफ पर शिक्षक मुखर

रुड़की/हरिद्वार। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीईआरटी उत्तराखंड), देहरादून में शुक्रवार को अपर निदेशक की अध्यक्षता में प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों और विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नेशनल एजूकेशन पॉलिसी 2020 (एनईपी-2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 (एनसीएफ-2023) के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि अश्वनी चौहान ने संगठन का पक्ष रखते हुए विद्यालयों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति, विशेष प्रशिक्षकों की तैनाती, संसाधनों की उपलब्धता और शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने की मांग उठाई। साथ ही उत्कृष्ट शिक्षकों को पदोन्नति और विशेष वेतनवृद्धि देने का सुझाव भी दिया गया।

बैठक में विद्यालय समय सारिणी में बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया। इसके तहत ग्रीष्मकाल में विद्यालय समय प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक तथा शीतकाल में प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक करने की संस्तुति की गई।

शिक्षकों ने अवकाश व्यवस्था में सुधार का सुझाव देते हुए कहा कि ग्रीष्म एवं शीतकालीन अवकाश में से पांच दिन की कटौती कर उन्हें राज्य सरकार के तीन विशेष अवकाशों के साथ जोड़कर कुल आठ दिन का संचयी अवकाश दिया जाए, जिसे आवश्यकता अनुसार उपयोग किया जा सके।

अश्वनी चौहान ने हरिद्वार की भौगोलिक व जलवायु परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि सिडकुल क्षेत्र के कारण तापमान में वृद्धि और जल स्तर में गिरावट हो रही है, ऐसे में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप विद्यालय समय में बदलाव आवश्यक है।

बैठक को सकारात्मक बताते हुए अपर निदेशक पदमेंद्र सकलानी ने सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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