विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रयागराज में धरा का जलाभिषेक, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
प्रयागराज। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन द्वारा परमार्थ त्रिवेणी पुष्प में प्रकृति, पर्यावरण एवं जल संरक्षण को समर्पित भव्य जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संतों, पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अपने आशीर्वचन में कहा कि पृथ्वी केवल एक ग्रह नहीं, बल्कि हमारी माता है और समस्त जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि “धरती सुरक्षित है तो मानवता सुरक्षित है” तथा जल, जंगल और जमीन के संरक्षण को जीवन का मूल कर्तव्य बताया। उन्होंने लोगों से जल बचाने, प्लास्टिक मुक्त जीवन अपनाने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

प्रख्यात पर्यावरणविद अनिल प्रकाश जोशी ने कहा कि पृथ्वी को बचाने का समय अभी है और युवाओं को विज्ञान एवं संवेदनशीलता के साथ पर्यावरण संरक्षण में आगे आना चाहिए। वहीं संजय स्वामी ने शिक्षा के माध्यम से पर्यावरण जागरूकता को जन-जन तक पहुँचाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में गणेश केशरवानी ने नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता एवं हरित पहल की जानकारी देते हुए नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पृथ्वी के प्रतीक स्वरूप जलाभिषेक किया गया और सभी उपस्थित लोगों ने “धरती बचाओ, जल बचाओ, भविष्य बचाओ” का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन में आध्यात्मिकता, जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर स्वामी वेद विद्यानन्द, योगी शुक्राई नाथ, अशोक मेहता, विधायक जवाहर लाल राजपूत, प्रो. कपिलदेव मिश्रा, प्रो. राजाराम यादव, न्यायमूर्ति सुधीर नारायण अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
