पौड़ी

पौड़ी में उच्च व तकनीकी शिक्षा की व्यापक समीक्षा, डीएम ने दिए रोजगारपरक व आधुनिक शिक्षा के निर्देश

पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, व्यवस्थित और रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में राजकीय महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्लेसमेंट, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गहन चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की समग्र समीक्षा आवश्यक है, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। उन्होंने सभी संस्थानों से रिजल्ट, प्लेसमेंट, छात्र संख्या, शिक्षकों की उपलब्धता, रिक्त पदों, भवनों की स्थिति और अन्य संसाधनों की अद्यतन जानकारी नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक में महाविद्यालयों की आधारभूत सुविधाओं जैसे स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, फर्नीचर, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और भवनों की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चरणबद्ध तरीके से सभी संस्थानों में आईसीटी आधारित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। जर्जर भवनों की मरम्मत एवं अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान, प्रोफेशनल एवं वोकेशनल कोर्स और स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करने पर जोर दिया गया।

बालिका शिक्षा पर विशेष ध्यान देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि छात्राओं को उच्च शिक्षा के बाद रोजगार से जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए महाविद्यालयों में नियमित करियर काउंसलिंग एवं मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने के निर्देश दिए गए, जिनमें विकासखंड स्तर के अधिकारी भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे।

बैठक में कण्वघाटी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिए। साथ ही प्रत्येक महाविद्यालय में प्रतिमाह करियर काउंसलिंग सत्र आयोजित कर प्लेसमेंट प्रगति की रिपोर्ट देने को कहा गया।

रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योग विभाग एवं सिडकुल के माध्यम से रोजगार मेलों के आयोजन पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि और कौशल के आधार पर प्रशिक्षण देने के लिए डेटा संकलन की व्यवस्था विकसित की जाए।

दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों के महाविद्यालयों पर विशेष ध्यान देते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी शहरी क्षेत्रों जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। सतपुली महाविद्यालय मार्ग के सुधार और आपदा से क्षतिग्रस्त संरचनाओं के पुनर्निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।

पॉलिटेक्निक संस्थानों की समीक्षा में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा और सभी संस्थानों को नियमित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।

बैठक में जिला शिक्षाधिकारी (माध्यमिक) रणजीत सिंह नेगी, प्रशासनिक अधिकारी मनोज रावत सहित सभी महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्य, प्रोफेसर और प्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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