अक्षय तृतीया से पहले बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज, 1200 से अधिक छात्र-छात्राएं जागरूक
पौड़ी। अक्षय तृतीया के मद्देनजर जनपद पौड़ी गढ़वाल में बाल विवाह रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। जिला परिवीक्षा अधिकारी एवं जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में विभिन्न विभाग मिलकर इस पहल को आगे बढ़ा रहे हैं।

जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के संयुक्त प्रयासों से विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 1200 से अधिक छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, संबंधित कानूनों और सुरक्षा तंत्र की जानकारी दी जा चुकी है।
अभियान के प्रथम चरण में यमकेश्वर और पाबौ क्षेत्र के विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित कर बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 तथा इसके दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से बताया गया। दूसरे चरण में राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, श्रीनगर और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, जानकीनगर कोटद्वार में बाल विवाह, पॉक्सो अधिनियम 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 पर संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए।
तीसरे चरण के तहत राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, थलनदी (यमकेश्वर) और कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, त्रिपालीसैंण में छात्राओं को बाल अधिकारों, सुरक्षा सेवाओं और कानूनों की जानकारी दी गई। इस दौरान छात्राओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
अभियान में बाल विवाह के दुष्परिणामों, कानूनी प्रावधानों और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है, जिसके उन्मूलन के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने जागरूकता को इस समस्या के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
जिला प्रशासन के अनुसार, यह अभियान बाल अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक मजबूत कदम है और इसे लगातार जारी रखा जाएगा, ताकि समाज को बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्त किया जा सके।
