बाल विवाह रोकथाम अभियान तेज, दूसरे दिन 279 छात्र-छात्राओं को किया गया जागरूक
पौड़ी। अक्षय तृतीया के अवसर पर संभावित बाल विवाहों की रोकथाम के लिए जनपद पौड़ी गढ़वाल में व्यापक जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया गया है। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में जिला प्रशासन, जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति और चाइल्डलाइन-1098 के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।

अभियान के दूसरे दिन भी जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रही। विकासखंड यमकेश्वर और पाबौ क्षेत्र के विद्यालयों में आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 279 छात्र-छात्राओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों और उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
यमकेश्वर विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज, भृगुखाल में आयोजित कार्यक्रम में 209 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान बाल विवाह के दुष्प्रभावों और बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य नीरज कुमार बमराड़ा, हेमन्ती नन्दन भट्ट, थाना प्रभारी अमित कुमार, चंद्रा प्रसाद, कपिल रतूड़ी और शकुंतला देवी उपस्थित रहे।
वहीं, पाबौ विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज, चोपड्यूं में आयोजित कार्यक्रम में 70 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के सामाजिक, मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देकर बच्चों को आपात स्थिति में सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य रमेश चंद्र गुसाईं, बाल कल्याण समिति सदस्य गंगोत्री नेगी, जिला बाल संरक्षण इकाई से निखिल डेविड, पूजा असवाल और पैरा लीगल वालंटियर जयानंद प्रसाद मौजूद रहे।
जिला परिवीक्षा अधिकारी/जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार ने कहा कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही बच्चों का सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि बाल विवाह की किसी भी सूचना को तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
