ऋषिकेश

योग तनावमुक्त समाज निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम : प्रो. एम. एस. रावत

ऋषिकेश। श्री देव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के पं. ल. मो. शर्मा परिसर, ऋषिकेश के योग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय निःशुल्क योग शिविर के चौथे दिन प्राणायाम, ध्यान एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में योग के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने कहा कि वर्तमान समय में तनाव, चिंता, अवसाद और मानसिक असंतुलन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं तथा योग इन चुनौतियों का सबसे प्रभावी, सुलभ और स्थायी समाधान है। उन्होंने कहा कि योग को केवल व्यायाम न मानकर जीवनशैली के रूप में अपनाने से व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों स्तरों पर सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

प्रो. रावत ने कहा कि समाज को केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ नहीं, बल्कि मानसिक रूप से संतुलित, संवेदनशील और सकारात्मक सोच वाले नागरिकों की आवश्यकता है और योग इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अभ्यास सत्र में योग शिक्षिकाओं स्वाति बंधानी, अंजलि एवं सलोनी ने प्रतिभागियों को कपालभाति, नाड़ी शोधन, भ्रामरी एवं उज्जायी प्राणायाम का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने प्राणायाम की विधि, अवधि, सावधानियों और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि नियमित अभ्यास से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, रक्त संचार बेहतर होता है और मानसिक तनाव में कमी आती है।

कार्यक्रम में संकायाध्यक्ष प्रो. पी.के. सिंह, योग समन्वयक प्रो. वी.के. गुप्ता, विभागाध्यक्ष डॉ. जयप्रकाश कंसवाल, डॉ. चंदरेश्वरी नेगी सहित प्रतिभागियों में अंजलि, सुषमा, वंदना, राजन और हरप्रीत उपस्थित रहे। योग शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य एवं मानसिक संतुलन के लिए योग को अपनाने का संकल्प लिया।

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