देहरादून

अंकिता न्याय यात्रा मंच का पीएम मोदी से सवाल—अंकिता भंडारी हत्याकांड पर चुप्पी क्यों, आरोपित VIP पर कार्रवाई कब?

*अंबेडकर जयंती पर श्रद्धांजलि के साथ उठी न्याय की मांग, दुष्यंत गौतम और अजय कुमार को पद से हटाने की उठी आवाज*

देहरादून। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच ने आज गाँधी पार्क में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नरेंद्र मोदी से अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चुप्पी पर सवाल उठाए। मंच के सदस्यों ने देहरादून दौरे पर आए प्रधानमंत्री से मामले में अब तक कोई बयान न देने और कथित VIP आरोपितों पर कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई।

मंच की सदस्य कमला पंत ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में चर्चित VIP आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा इस मामले में अब तक कोई सार्वजनिक टिप्पणी न करना निराशाजनक है।

निर्मला बिष्ट ने कहा कि देहरादून में आयोजित प्रधानमंत्री की रैली की व्यवस्थाओं में कथित रूप से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका चिंताजनक है। उन्होंने दावा किया कि पीड़िता की मां द्वारा जिन नामों का उल्लेख किया गया, वे अब भी सक्रिय नजर आ रहे हैं।

सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल ने कहा कि इतने समय बाद भी मामले में नामित प्रभावशाली लोगों पर सख्त कार्रवाई न होना शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि मंच न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखेगा।

विमला कोली ने प्रधानमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि आखिर कब दुष्यंत गौतम और अजय कुमार को पद और पार्टी से हटाया जाएगा। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग भी दोहराई।

मंच ने चेतावनी दी कि वह राज्य में इन दोनों नेताओं के समर्थन में लगाए जाने वाले बैनरों का विरोध करेगा और उन्हें उत्तराखंड से बाहर करने के लिए आंदोलन तेज करेगा।

कार्यक्रम के दौरान मंच के सदस्यों ने जनगीत गाकर विरोध दर्ज कराया। सभा को सूरज नेगी, सुजाता पॉल, पंकज क्षेत्री, उषा डोभाल और प्रतिमा सिंह सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया। इस दौरान पद्मा गुप्ता, मंजू बलोदी, विजय नैथानी, आर्यन और सूरज सिंह समेत अनेक लोग मौजूद रहे।

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