शिक्षक महासंघ ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से की मुलाकात, समय सारिणी व जनगणना ड्यूटी का मुद्दा उठाया
50% शिक्षकों को ही जनगणना ड्यूटी लगाने के निर्देश, शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न करने पर जोर
हरिद्वार। शिक्षक महासंघ, जनपद हरिद्वार के प्रतिनिधिमंडल ने कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से भेंट कर नवीन समय सारिणी एवं जनगणना ड्यूटी से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। महासंघ ने बताया कि वर्तमान समय सारिणी छोटे बच्चों के लिए व्यवहारिक नहीं है और बाल मनोविज्ञान के अनुरूप भी नहीं है।

महासंघ ने यह भी अवगत कराया कि जनगणना कार्य में शिक्षकों की अत्यधिक एवं असंतुलित ड्यूटी के कारण विद्यालयों का नियमित संचालन, पठन-पाठन एवं प्रवेश प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। इस पर महासंघ ने मांग रखी कि या तो पूर्ववत समय सारिणी लागू की जाए अथवा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) की सभी अनुशंसाओं को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
इसके साथ ही जनगणना कार्य में केवल शिक्षकों पर बोझ डालने के बजाय अन्य विभागों के कार्मिकों की भी समान सहभागिता सुनिश्चित करने की मांग की गई।
मंत्री मदन कौशिक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और मौके पर ही जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय से केवल 50 प्रतिशत शिक्षकों की ही जनगणना ड्यूटी लगाई जाए, जबकि शेष शिक्षक विद्यालय में रहकर शैक्षणिक कार्य सुचारु रूप से संचालित करें।
महासंघ ने मंत्री मदन कौशिक के इस त्वरित हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि समय सारिणी के विषय में भी छात्रहित में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। साथ ही यह भी मांग रखी गई कि यदि नई व्यवस्था लागू की जाती है तो NEP-2020 के तहत दो शनिवार अवकाश एवं दो शनिवार हाफ डे की व्यवस्था भी लागू की जाए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला अध्यक्ष लोकेश कुमार, पवन सैनी, राजेश सैनी, अश्विनी चौहान, विवेक सैनी, कीरत पाल सिंह, जितेंद्र सिंह, हेमेंद्र चौहान सहित कई पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
