साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी पहल, परमार्थ निकेतन में दो दिवसीय जागरूकता शिविर शुरू
ऋषिकेश। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से परमार्थ निकेतन, ऋषिकेश में “साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता” विषय पर दो दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तकनीकी जानकारी के साथ-साथ कानूनी सहायता और जागरूकता पर विशेष जोर दिया गया।

कार्यक्रम में स्वामी चिदानन्द सरस्वती का पावन सान्निध्य, उद्बोधन और आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज के समय में “सावधानी ही सुरक्षा” है और डिजिटल जीवन की रक्षा के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने डिजिटल युग को “डिवाइन युग” में बदलने का आह्वान करते हुए कहा कि तकनीक के साथ नैतिकता और संस्कार का समन्वय आवश्यक है।
शिविर में आईपीएस अधिकारी कुश मिश्रा, अपर पुलिस अधीक्षक, साइबर पुलिस उत्तराखंड, साइबर विशेषज्ञ श्रीमती भाग्यश्री, अधिवक्ता दीप्ति मिश्रा एवं अधिवक्ता आनंद मिश्रा ने प्रतिभागियों को साइबर अपराधों के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने फिशिंग कॉल, फर्जी लिंक, ओटीपी धोखाधड़ी, सोशल मीडिया ठगी, डिजिटल अरेस्ट और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड जैसे मामलों से बचाव के उपाय विस्तार से बताए।
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत कानूनी सहायता लेनी चाहिए और साइबर हेल्पलाइन व पुलिस से संपर्क करना चाहिए। जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में केवल स्मार्ट होना पर्याप्त नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनना भी आवश्यक है।
इस अवसर पर योगाचार्य विमल बधावन, रेखा मशरूवाला, आचार्य दीपक शर्मा, अजंना शर्मा सहित परमार्थ विद्या मंदिर, नारी शक्ति केंद्र, गुरुकुल के विद्यार्थी और अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम आयोजकों ने सभी से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहें और समाज को सुरक्षित बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
