चैलूसैंण में डॉ. शक्तिशैल कपरवाण का हुआ भव्य सम्मान, राज्य के मुद्दों पर रखे बेबाक विचार
द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल। यमकेश्वर विधानसभा के अंतर्गत चैलूसैंण में डांडी कांठी मंच द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में डॉ. शक्तिशैल कपरवाण को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम से पूर्व डॉ. कपरवाण ने चैलूसैंण बाजार में जनसंपर्क कर स्थानीय जनता से संवाद किया, जहां उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सूरसिंह बिष्ट ने की, जबकि संचालन धर्मेंद्र सिंह बिष्ट द्वारा किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने फूलमालाओं से डॉ. कपरवाण का अभिनंदन किया।
अपने संबोधन में डॉ. कपरवाण ने उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना, राज्य आंदोलन और राज्य निर्माण के बाद की परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद मूल निवासियों के अधिकारों में लगातार कमी आई है। भूमि संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है और बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पलायन बढ़ रहा है।
उन्होंने स्वास्थ्य, रोजगार और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं सड़क पर प्रसव के लिए मजबूर हैं और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को शहरों का रुख करना पड़ता है। बेरोजगारी और भ्रष्टाचार भी चरम पर हैं, जिससे सामाजिक ढांचा प्रभावित हो रहा है।
डॉ. कपरवाण ने जोर देते हुए कहा कि उत्तराखंड को बचाने की जिम्मेदारी यहां के लोगों की है और कोई बाहरी शक्ति इसे नहीं बचा सकती।

कार्यक्रम में जगदीपक सिंह रावत, भारत मोहन काला, चंडी प्रसाद अमोली, धर्मेंद्र बिष्ट (संयोजक), धीरज सिंह बिष्ट, निर्मल भंडारी, स्वयंवर नेगी, गणेश भंडारी, विनोद कुमार पेंटर, चंद्रमोहन भंडारी, दिगंबर रावत (राज्य आंदोलनकारी), वीरेन्द्र सिंह रावत (राज्य आंदोलनकारी), गोविंद सिंह राणा, अंजू बिष्ट, पूनम बिष्ट, संतोषी देवी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
