उत्तराखंड

देवदूत योजना’ से वाहन चालकों को मिलेगा सम्मान: यूकेडी का वादा, दुर्घटना पर 25 लाख मुआवजा

‘देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने प्रदेश के मूल निवासी वाहन चालकों के लिए ‘देवदूत योजना’ लागू करने का बड़ा वादा किया है। पार्टी का कहना है कि उत्तराखंड में टैक्सी चालक हर परिस्थिति में जनता की सेवा करते हैं, लेकिन संकट के समय उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाता।

यूकेडी के अनुसार, वाहन चालक गांवों से शहरों तक जरूरी सामान पहुंचाने, मरीजों को अस्पताल ले जाने और सामाजिक आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन्हीं सेवाओं को देखते हुए पार्टी ने उन्हें ‘देवदूत’ की संज्ञा दी है।

पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि राज्य में उनकी सरकार बनती है, तो सभी मूल निवासी वाहन चालकों को ‘देवदूत योजना’ से जोड़ा जाएगा और उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

क्या है ‘देवदूत योजना’

यूकेडी द्वारा प्रस्तावित इस योजना के तहत—

प्रत्येक मूल निवासी वाहन चालक को एक विशेष पहचान पत्र जारी किया जाएगा।

चारधाम यात्रा का संचालन प्राथमिकता के आधार पर स्थानीय वाहन चालकों से कराया जाएगा।

दुर्घटना की स्थिति में चालक के परिजनों को सीधे 25 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

चालक के बच्चों की शिक्षा 12वीं तक सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

घायल होने पर आवश्यकतानुसार आर्थिक एवं चिकित्सीय सहायता प्रदान की जाएगी।

यूकेडी ने कहा कि यह योजना न केवल वाहन चालकों को सम्मान देगी, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। पार्टी ने यह भी दावा किया कि वह उत्तराखंड के प्रत्येक वर्ग के सम्मान और मूल निवासियों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

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