विश्व स्वास्थ्य दिवस पर योग और संयमित जीवन का मंत्र
ऋषिकेश। विश्व स्वास्थ्य दिवस के पावन अवसर पर परमार्थ निकेतन से पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने सभी नागरिकों को उत्तम स्वास्थ्य, सुख एवं समृद्धि की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि “स्वास्थ्य ही जीवन का वास्तविक धन है” और एक स्वस्थ व्यक्ति ही सशक्त, समृद्ध एवं संतुलित समाज का निर्माण कर सकता है।

परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान स्वामी जी ने अपने संदेश में कहा कि शुद्ध आहार, संतुलित विचार और संयमित जीवन ही सच्चे स्वास्थ्य का आधार हैं।
उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य केवल रोगों का अभाव नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक संतुलन की स्थिति है। आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में लोग स्वास्थ्य के प्रति सजगता खोते जा रहे हैं, जिससे जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ बढ़ रही हैं। ऐसे में जीवन में संतुलन और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
स्वामी जी ने “आहार ही है आधार” पर बल देते हुए कहा कि शुद्ध, सात्त्विक और संतुलित भोजन शरीर और मन दोनों को पोषण देता है। इसके साथ ही नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान को दैनिक जीवन में शामिल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र पद्धति है, जो आंतरिक शांति और बाह्य संतुलन प्रदान करती है।
उन्होंने एक सशक्त स्वास्थ्य तंत्र की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। विशेष रूप से ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना समय की बड़ी जरूरत है।
इस अवसर पर परमार्थ निकेतन परिवार ने स्वास्थ्य कर्मियों, डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके समर्पण को नमन किया। विशेषकर वैश्विक चुनौतियों और महामारी के समय उनके योगदान को अमूल्य बताया गया।
स्वामी जी ने कहा कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता, पौष्टिक आहार, स्वच्छ जल और शुद्ध वायु एक स्वस्थ जीवन के आधार हैं। उन्होंने “स्वस्थ तन, प्रसन्न मन और जागृत चेतना” को वास्तविक समृद्धि का मार्ग बताया।
युवाओं और बच्चों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने पर बल देते हुए उन्होंने उन्हें प्रकृति से जुड़ने, खेलकूद में भाग लेने और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में कथा व्यास श्री अल्पेश दबे (सूरत) तथा कथा यजमान श्रीमती विपिला जी, श्री हर्ष भाई, श्री तुलसी भाई मावाणी, श्रीमती भावना बेन भिकड़िया सहित सूरत आनंद के श्रद्धालु कथा श्रवण कर रहे हैं।
अंत में सभी से आह्वान किया गया कि इस विश्व स्वास्थ्य दिवस पर स्वस्थ रहने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लें, ताकि एक स्वस्थ, जागरूक और समृद्ध समाज का निर्माण हो सके।
