पौड़ी

आधुनिक सुविधाओं से सजा पौड़ी का जिला पुस्तकालय, पहाड़ी शैली में बना आकर्षक अध्ययन केंद्र

पौड़ी गढ़वाल। कभी अव्यवस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा पौड़ी मुख्यालय का जिला पुस्तकालय अब आधुनिक, सुव्यवस्थित और आकर्षक अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित हो गया है। खास बात यह है कि पुस्तकालय को पारंपरिक पहाड़ी शैली में नया स्वरूप दिया गया है, जो स्थानीय वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं का बेहतरीन समन्वय प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं आधुनिक बनाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के प्रयासों से पुस्तकालय का व्यापक कायाकल्प किया गया। पूर्व में निरीक्षण के दौरान यहां अध्ययन के अनुकूल वातावरण की कमी, पेयजल सुविधा का अभाव और भवन की जर्जर स्थिति सामने आने पर निर्माण खंड लोनिवि को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद कार्य तेजी से शुरू किया गया।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत पुस्तकालय के दोनों तलों का नवीनीकरण किया गया। इसके तहत आधुनिक फर्नीचर की व्यवस्था, शौचालयों का उन्नयन, पाथवे व रेलिंग निर्माण, द्वारों का नवीनीकरण तथा पुस्तकालय तक सुगम पहुंच के लिए मार्ग का विकास किया गया। साथ ही पहली बार यहां पेयजल कनेक्शन भी स्थापित किया गया।

पुस्तकालय में विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ आधुनिक फर्नीचर, सुव्यवस्थित पठन-पाठन व्यवस्था, बुक स्टोरेज, वाई-फाई जोन एवं स्वच्छ पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है। भवन की बाहरी संरचना को पारंपरिक पहाड़ी शैली में विकसित करते हुए उसमें घंटाघर का आकर्षक एकीकरण किया गया है, जो इसकी विशेष पहचान बन गया है। यह घंटाघर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक समय का संकेत देकर अनुशासन का संदेश देता है।

वर्तमान में पुस्तकालय विद्यार्थियों को शांत, स्वच्छ और सुविधायुक्त वातावरण प्रदान कर रहा है, जिससे वे पारंपरिक और डिजिटल दोनों माध्यमों से अध्ययन कर पा रहे हैं। हाल ही में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा पुस्तकालय का लोकार्पण किया गया, जिसमें उन्होंने इस पहल की सराहना की।

जिलाधिकारी ने कहा कि पुस्तकालय का उद्देश्य युवाओं में पढ़ने की आदत विकसित करना, उन्हें सकारात्मक व अनुशासित माहौल उपलब्ध कराना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।

अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्माण खंड, रीना नेगी ने बताया कि पुस्तकालय का सुदृढ़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य निर्धारित समय में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया है, जिसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ पारंपरिक स्वरूप को भी बनाए रखा गया है।

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