“शिक्षक समाज के मार्गदर्शक”—मंगलौर समारोह में बोले विधायक विरेन्द्र जाती
मंगलौर/हरिद्वार। झबरेड़ा विधायक विरेन्द्र जाती ने कहा कि शिक्षक समाज के वास्तविक मार्गदर्शक होते हैं, जिनकी तपस्या से राष्ट्र का भविष्य आकार ग्रहण करता है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, किंतु शिक्षक का ज्ञान, अनुभव और संस्कार सदैव समाज को आलोकित करते रहते हैं।
विधायक विरेन्द्र जाती उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, ब्लॉक इकाई नारसन के तत्वावधान में श्री हरमिलाप हरिमंदिर समिति के सभागार में आयोजित भव्य शैक्षिक एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोजन को सामाजिक एकता, सांस्कृतिक सौहार्द एवं शैक्षिक उत्कृष्टता का संगम बताया।

विशिष्ट अतिथि ब्लॉक प्रमुख कविन्द्र चौधरी ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की आधारशिला है और शिक्षक उसके सशक्त स्तंभ हैं। उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव को नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बताया।
जिला शिक्षा अधिकारी (प्रा.शि.) हरिद्वार अमित कुमार चंद ने शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और नैतिक मूल्यों के समावेश पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।
डायट प्राचार्य मेराज अहमद ने शिक्षा और संस्कृति के समन्वय को समाज के सुदृढ़ विकास का आधार बताते हुए कार्यक्रम को भाईचारे और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सेवानिवृत्त शिक्षक इसम सिंह ने शिक्षक जीवन को त्याग, अनुशासन और समर्पण की मिसाल बताया।

इस अवसर पर 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले नारसन ब्लॉक के 12 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा 2026 में चयनित छात्र-छात्राओं एवं उनके मार्गदर्शक शिक्षकों का अभिनंदन किया गया। वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले खिलाड़ियों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त नव नियुक्त बीआरसी एवं सीआरसी पदाधिकारियों का स्वागत कर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम का संचालन बीर सिंह पंवार ने किया।
समारोह में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया।
