परमार्थ निकेतन में भजन सम्राट अनूप जलोटा का आगमन, गंगा आरती में गूंजा भक्ति रस
ऋषिकेश। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक धाम परमार्थ निकेतन में भजन सम्राट पद्मश्री अनूप जलोटा का आगमन हुआ। उनका यह दौरा भावनात्मक, दिव्य और आध्यात्मिक अनुभवों से परिपूर्ण रहा।
अनूप जलोटा की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और प्रेम की मधुर तरंगों से सराबोर हो गया। उनकी सहभागिता से परमार्थ निकेतन की विश्व विख्यात गंगा आरती और भी दिव्य बन गई। उनके भजनों की मधुर ध्वनि ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गहन आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ दिया।

इस दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती से उनकी आत्मीय भेंटवार्ता हुई, जिसमें भक्ति, सेवा, संस्कृति और सनातन मूल्यों पर गहन चर्चा हुई।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि अनूप जलोटा का परमार्थ निकेतन से संबंध दशकों पुराना है, जो उनके पूज्य पिताश्री स्वर्गीय पुरुषोत्तम दास जलोटा के समय से चला आ रहा है। उन्होंने इसे प्रेम, श्रद्धा और समर्पण की निरंतर बहती गंगा बताया।
वहीं साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि अनूप जलोटा के भजनों ने विश्वभर में सनातन संस्कृति की मधुरता को पहुंचाया है और उनकी आवाज सीधे आत्मा को स्पर्श करती है।
अनूप जलोटा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि परमार्थ निकेतन उनके लिए केवल एक स्थान नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक घर है। गंगा तट पर आरती में शामिल होकर उन्हें अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है।
इस पावन अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने अनूप जलोटा को रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
यह अवसर भक्ति, संस्कृति और वर्षों पुराने आत्मीय संबंधों के पुनर्मिलन का साक्षी बना।
