अंकिता हत्याकांड: न्याय की मांग को लेकर 24 मार्च से मंत्रियों-विधायकों का घेराव, संघर्ष मंच का ऐलान
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में ‘वीआईपी’ आरोपी की गिरफ्तारी और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन तेज होने जा रहा है। शहीद स्मारक देहरादून में आयोजित ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ की बैठक में भाजपा सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया गया। मंच ने घोषणा की कि सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर मंत्रियों और विधायकों का चरणबद्ध घेराव किया जाएगा।

बैठक को संबोधित करते हुए राज्य आंदोलनकारी और मंच की वरिष्ठ सदस्य कमला पंत ने कहा कि प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत 24 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के घेराव से की जाएगी। इसके बाद प्रदेश के सभी भाजपा मंत्रियों और विधायकों का क्रमवार घेराव कर उनसे जवाब मांगा जाएगा।
संघर्ष मंच ने गैरसैंण विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की। साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी द्वारा अंकिता हत्याकांड के मुद्दे को ‘गैर-जरूरी’ बताए जाने को प्रदेश की बेटियों का अपमान बताया। मंच के पदाधिकारियों ने कहा कि जिस सदन में इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए थी, वहां सरकार चर्चा से बच रही है।
बैठक के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दुष्यंत गौतम का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हत्याकांड में चर्चित ‘वीआईपी’ के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और संबंधित नेता प्रदेश में सक्रिय हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
इस दौरान निर्मला बिष्ट, मोहित डिमरी, उमा भट्ट, बिपिन नेगी, सूरज नेगी, विमला कोली, पद्मा गुप्ता, स्मृति नेगी सहित बड़ी संख्या में सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
