पौड़ी

बीटल्स आश्रम में विरासत और पर्यटन का संगम, जिलाधिकारी ने विकास कार्यों का किया निरीक्षण

121 कुटियाओं के रेट्रोफिटिंग, संग्रहालय, बर्ड वॉचिंग ट्रेल और पर्यटक सुविधाओं के विकास पर दिया जोर

ऋषिकेश/पौड़ी। जनपद के प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए जा रहे बीटल्स आश्रम (चौरासी कुटिया) में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत संचालित विकास एवं संरक्षण कार्यों का जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि आश्रम परिसर में किए जा रहे सभी निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्य उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए किए जाएं, ताकि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने आश्रम परिसर में स्थित 121 कुटियाओं के पुनरोद्धार कार्य को पुराने स्वरूप के अनुरूप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुटियाओं की दीवारों का रंग भी पारंपरिक शैली के अनुसार किया जाए, जिससे आश्रम की ऐतिहासिकता और मौलिकता बनी रहे।

संग्रहालय के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने क्यूरेटर को संग्रहालय का थ्री-डी डिजाइन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय को इस प्रकार विकसित किया जाए कि आगंतुकों को यहां एक जीवंत ऐतिहासिक अनुभव प्राप्त हो सके। साथ ही परिसर में मिलने वाली पुरानी या ऐतिहासिक वस्तुओं को सुरक्षित रूप से संग्रहालय में संरक्षित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिलाधिकारी ने कैंटीन परिसर का निरीक्षण करते हुए पर्यटकों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्राकृतिक शैली में लकड़ी से बैठने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने किचन ब्लॉक का भी निरीक्षण किया और बताया कि मरम्मत कार्य पूर्ण होने के बाद भविष्य में कैंटीन का संचालन इसी परिसर से किया जाएगा।

बैंक भवन के स्वरूप पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने इतिहासकारों के साथ समन्वय स्थापित कर इसे पुराने समय में संचालित होने वाले बैंक की शैली में विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि पर्यटक उस कालखंड की झलक अनुभव कर सकें। वहीं हॉस्टल भवन में चल रहे रेट्रोफिटिंग कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि यहां प्राप्त पुरानी पेंटिंग्स को यथावत संरक्षित रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान म्यूजिक हॉल का भी अवलोकन किया गया। जिलाधिकारी ने यहां रेट्रोफिटिंग के साथ आवश्यक संरचनात्मक सुधार करने तथा बीटल्स के संगीत से संबंधित बैकग्राउंड साउंड सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटक उस दौर के संगीत और वातावरण को महसूस कर सकें।

उन्होंने चौरासी कुटिया क्षेत्र में भूमि कटाव की स्थिति का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को विस्तृत आकलन तैयार कर इसे डीपीआर में शामिल करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में बनाए जा रहे मार्ग के लिए आधुनिक टाइल्स के बजाय पारंपरिक पत्थर के रास्ते का निर्माण करने को कहा।

वन विभाग के अधिकारियों द्वारा परिसर के आसपास विभिन्न पक्षियों की उपस्थिति की जानकारी देने पर जिलाधिकारी ने परिसर के पीछे स्थित मार्ग को बर्ड वॉचिंग ट्रेल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जिससे प्रकृति प्रेमियों और पर्यटकों को नया अनुभव मिल सके। उन्होंने आश्रम परिसर में स्पष्ट और आकर्षक साइनेज लगाने पर भी विशेष जोर दिया, ताकि पर्यटकों को परिसर के ऐतिहासिक महत्व और अतीत की गतिविधियों की जानकारी मिल सके।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे बीटल्स आश्रम को एक व्यवस्थित, ऐतिहासिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा सके।

निरीक्षण के दौरान प्रभारी तहसीलदार वैभव जोशी, कानूनगो यशपाल नेगी, पटवारी वेद प्रकाश सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

— सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल

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