ऋषिकेश

ऋषिकेश में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का पांचवां दिन, योग-संगीत और आध्यात्म का संगम

ऋषिकेश। आध्यात्म और संस्कृति के वैश्विक केंद्र परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का पाँचवाँ दिन भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा को और बढ़ा दिया।

महोत्सव में योग और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिला। विख्यात आध्यात्मिक गायक और पद्मश्री कैलाश खेर तथा कैलाशा बैंड ने अपने मंत्रमुग्ध कर देने वाले गीतों से उपस्थित साधकों और अतिथियों को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराई।

कार्यक्रम में स्विट्जरलैंड दूतावास, भारत के प्रथम सचिव साइमन सेवन शेफर ने भी सहभाग किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के कई हिस्सों में संघर्ष और युद्ध की स्थिति है, ऐसे में योग शांति और संतुलन का मार्ग दिखाने वाला माध्यम बन सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं बल्कि योग और ध्यान की जन्मभूमि है। यहाँ से आध्यात्मिक ऊर्जा और जीवनदर्शन का संदेश पूरे विश्व में फैल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सबसे पहले उत्तराखंड में योग नीति लागू की है और पाँच नए योगधाम स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। साथ ही आयुष वेलनेस सेंटर और योग वेलनेस सेंटर स्थापित करने की योजना भी बनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन में 80 से अधिक देशों के योग साधकों की उपस्थिति उत्तराखंड की आध्यात्मिक शक्ति और योग परम्परा की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। उन्होंने विश्वभर से आए योगियों का देवभूमि उत्तराखंड में स्वागत करते हुए कहा कि यह महोत्सव आध्यात्मिक मिलन और चेतना के विस्तार का अद्भुत मंच है।

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरती ने योग की अनंत परंपराओं और आध्यात्मिक ऊर्जा को जन्म दिया है। यहाँ का हर पर्वत, हर नदी और हर घाट योग साधना के वातावरण को समृद्ध करता है।

डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने सभी विशिष्ट अतिथियों और योग साधकों का परमार्थ परिवार की ओर से स्वागत और अभिनंदन किया।

अमेरिका से आई योगाचार्या किया मिलर ने कहा कि गंगा तट पर एकत्र होकर योग की ऊर्जा को विश्वभर में फैलाने का यह अद्भुत अवसर है। आयुर्वेद विशेषज्ञ मारिया अलेजांद्रा अवचारियन ने योग और आयुर्वेद को जीवन पद्धति बताते हुए इसके प्रसार के लिए मुख्यमंत्री और परमार्थ निकेतन परिवार का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अंगवस्त्र, भगवान शिव की प्रतिमा और रुद्राक्ष का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

परमार्थ निकेतन में आयोजित यह अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव आयुष मंत्रालय और भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ‘अतुल्य भारत’ के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इस महोत्सव में 80 से अधिक देशों के प्रतिभागी, 33 देशों के विद्यार्थी तथा 15 से 20 देशों के राजदूत, उच्चायुक्त और राजनयिक भाग ले रहे हैं।

अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्व मानवता के लिए शांति, संतुलन और आध्यात्मिक एकता का संदेश बनकर उभर रहा है।

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