पौड़ी

नयार घाटी से आसमान तक, सपना रावत का साहसिक सफर

*संसाधन मिलें तो पर्वतीय युवा कर सकते हैं कमाल: सपना रावत*

सतपुली/पौड़ी गढ़वाल। साहसिक खेलों में उत्तराखंड के युवा लगातार प्रदेश का मान बढ़ा रहे हैं। नयार घाटी की बेटी सपना रावत ने अपने संघर्ष, प्रशिक्षण और निरंतर अभ्यास के बल पर पैराग्लाइडिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय पहचान बनाई है।

विकासखंड द्वारीखाल के सतपुली क्षेत्र के ग्राम ओडल छोटा निवासी सपना रावत का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा हंस चिल्ड्रन एकेडमी से हुई। इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई उन्होंने विद्या मंदिर, सतपुली से पूर्ण की, जबकि स्नातक की शिक्षा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वर्ष 2023 में सपना का चयन होमगार्ड में हुआ।

साहसिक खेलों के प्रति उनकी रुचि वर्ष 2020 में तब आकार लेने लगी, जब उन्होंने उत्तराखंड पर्यटन विभाग के माध्यम से बीर बिलिंग (हिमाचल प्रदेश) में 12 दिवसीय पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने अपने संसाधनों से लगातार दो वर्षों तक बीर बिलिंग में कठिन अभ्यास किया।

उनकी मेहनत का परिणाम वर्ष 2022 में सामने आया, जब मेघालय में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में उन्होंने उत्तराखंड को पहली बार महिला श्रेणी में प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2026 में आयोजित नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल में सपना रावत ने सोलो पैराग्लाइडिंग एक्यूरेसी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

सपना रावत का मानना है कि यदि पर्वतीय क्षेत्रों के युवाओं को उचित संसाधन और प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी परचम लहराने का दम रखते हैं। नयार घाटी में साहसिक खेलों की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उल्लेखनीय है कि नयार वैली एडवेंचर फेस्टिवल के उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बिलखेत में पैराग्लाइडिंग जैसे साहसिक खेलों के लिए संस्थान खोलने की घोषणा की है। यदि यह घोषणा धरातल पर उतरती है, तो इससे साहसिक खेलों के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार को भी नई दिशा मिलेगी।

सपना रावत जैसी प्रतिभाएं यह साबित कर रही हैं कि उत्तराखंड का युवा आत्मविश्वास, साहस और समर्पण के बल पर देश-दुनिया में अपनी पहचान बना सकता है।

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