पौड़ी में हेरिटेज म्यूजियम को लेकर तैयारी तेज, डीएम ने 28 फरवरी तक डीपीआर मांगी
पौड़ी। जनपद के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रस्तावित हेरिटेज म्यूजियम की तैयारियां तेज हो गई हैं। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माणदायी संस्था से विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

प्रस्तुतीकरण के दौरान म्यूजियम के प्रस्तावित स्वरूप और प्रदर्शित की जाने वाली सामग्रियों की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि म्यूजियम में जनपद के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को समग्र रूप में प्रदर्शित किया जाए। पारंपरिक ढोल-दमाऊ, प्राचीन आभूषण एवं वेशभूषा, दुर्लभ छायाचित्र तथा हिमालय से जुड़ी थ्री-डी प्रस्तुतियों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित करने पर जोर दिया गया, ताकि आगंतुकों को जनपद की विरासत का वास्तविक अनुभव मिल सके।
म्यूजियम में विभिन्न थीम आधारित दीर्घाएं विकसित की जाएंगी। ‘विरासत भूमि हॉल’ में ऐतिहासिक विकास और महत्वपूर्ण पड़ाव, ‘वीर भूमि हॉल’ में शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का योगदान, ‘लोक संस्कृति हॉल’ में लोक परंपराएं, वाद्य यंत्र और रीति-रिवाज, ‘तपोभूमि हॉल’ में धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का महत्व तथा ‘प्राकृतिक हॉल’ में हिमालय की जैव विविधता और प्राकृतिक संपदा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
म्यूजियम परिसर में आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जहां पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को शामिल किया जाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के प्रमुख आंदोलनों, ऐतिहासिक घटनाओं और सामाजिक योगदानों को भी समुचित स्थान दिया जाए। भवन को पारंपरिक स्वरूप प्रदान करने के लिए पठाल का फर्श और प्राचीन उपयोगी वस्तुओं को शामिल करने पर भी बल दिया गया। उन्होंने विषय विशेषज्ञों से प्रमाणिक जानकारी संकलित कर 28 फरवरी तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोनिवि रीना नेगी, सहायक अभियंता पुरातत्व अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
*सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग पौड़ी गढ़वाल*
