नगर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर तेज हुई कार्रवाई, इंस्टेंट पॉटहोल रिपेयर से गड्ढों की त्वरित मरम्मत
पौड़ी। नगर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक प्रभावी और तेज पहल शुरू की गई है। सड़कों पर छोटे-बड़े गड्ढों को भरने के लिए अब इंस्टेंट पॉटहोल रिपेयर रेडीमिक्स का उपयोग किया जा रहा है। यह रेडी-टू-यूज़ कोल्ड मिक्स मटेरियल है, जिसे गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती और इससे गड्ढों की मरम्मत बेहद कम समय में संभव हो रही है। खास बात यह है कि मरम्मत के तुरंत बाद यातायात सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व में अधिकारियों को प्रदेशभर में सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा पूर्व में आयोजित सड़क सुरक्षा बैठक में लिए गए निर्णयों को अब धरातल पर उतारा जा रहा है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर क्षेत्र में समय पर गड्ढों की मरम्मत कर दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे गड्ढों को कम समय में भरने के लिए इंस्टेंट पॉटहोल रिपेयर रेडीमिक्स का उपयोग किया जा रहा है।
इस अभियान को गति देने में परिवहन विभाग की अहम भूमिका रही है। विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा के तहत दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर गड्ढों की त्वरित मरम्मत के लिए प्रभावी समन्वय किया गया है, जिससे विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अभियान के तहत अब तक बुआखाल वाली सड़क, विकासखंड पौड़ी मार्ग, कंडोलिया मार्ग, श्रीनगर रोड तथा बस स्टेशन क्षेत्र सहित नगर के विभिन्न स्थानों पर गड्ढों को भरकर सड़कों को दुरुस्त किया जा चुका है। सड़क मरम्मत कार्य के दौरान परिवहन विभाग द्वारा नगर निकायों एवं लोक निर्माण विभाग से समन्वय स्थापित कर सहयोग प्राप्त किया गया, जिसके चलते कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जा रहा है।
इस संबंध में आरटीओ विमल पाण्डे ने बताया कि सड़कों पर गड्ढे दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण होते हैं, जो विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए अत्यंत जोखिमपूर्ण साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि इंस्टेंट पॉटहोल रिपेयर जैसी तकनीक से कम समय में मरम्मत संभव हो रही है, यातायात बाधित नहीं होता और सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार आ रहा है। यह अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।
