जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान बना पौड़ी में आमजन के लिए राहत का मजबूत मंच
पौड़ी गढ़वाल। जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान जनपद पौड़ी में आम लोगों के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभियान के तहत जिला प्रशासन जनता के बीच पहुंचकर न केवल उनकी समस्याएं सुन रहा है, बल्कि मौके पर ही शिकायतों का निस्तारण करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचा रहा है।

जनपद पौड़ी में यह अभियान 18 दिसंबर 2025 से प्रारंभ हुआ है, जो 18 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत जिले की कुल 115 न्याय पंचायतों में बहुउद्देश्यीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक जिले की अधिकांश न्याय पंचायतों में शिविरों का आयोजन हो चुका है, जहां ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिल रही है।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के कुशल नेतृत्व में प्रत्येक न्याय पंचायत में शिविरों को प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। शिविरों में 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागीय सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं।
अब तक आयोजित शिविरों में 25,234 लोगों ने प्रतिभाग किया है। शिविरों के दौरान 1,954 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 1,223 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। इसके अतिरिक्त शिविरों में 1,323 विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाए गए, जबकि 9,046 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभ प्रदान किया गया।
शिविरों में त्वरित समाधान एवं योजनाओं का सीधा लाभ मिलने से ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने इस अभियान को जनहित में प्रभावी पहल बताते हुए प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बताया कि जिले की अधिकांश न्याय पंचायतों में अभियान के तहत शिविरों का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि शिविरों में विभागीय अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनता की समस्याओं को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुना जाए तथा हरसंभव प्रयास कर त्वरित निस्तारण किया जाए। साथ ही, जिन शिकायतों का समाधान तत्काल संभव नहीं है, उन्हें समयबद्ध तरीके से निस्तारित कर संबंधित आवेदक को इसकी सूचना अनिवार्य रूप से दी जाए।
