भालू ने गोशाला की छत तोड़कर गाय को मार डाला, पीड़ित काश्तकार मुआवजे की प्रतीक्षा में
द्वारीखाल/पौड़ी गढ़वाल। द्वारीखाल ब्लॉक की तहसील जाखणीखाल अंतर्गत ग्राम पाली, पोस्ट ऑफिस कठूड़बड़ा में जंगली जानवरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती 27 जनवरी की सुबह लगभग 3 बजे, गांव निवासी कृष्णा देवी पत्नी मुकेश सिंह की गाय को भालू ने गोशाला की छत तोड़कर हमला कर मौत के घाट उतार दिया।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी तथा मुआवजा प्राप्त करने के लिए सभी आवश्यक कागजात भी जमा करा दिए हैं। हालांकि अब सवाल यह है कि पीड़ित काश्तकार को राहत कब तक मिल पाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में भालू सहित अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे न केवल पालतू पशुओं को नुकसान हो रहा है, बल्कि ग्रामीणों में भय का माहौल भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने सरकार एवं वन विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों पर रोक लगाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में काश्तकारों को इस तरह की क्षति से बचाया जा सके।
उत्तराखंड का संपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र इस समय जंगली जानवरों के हमलों से त्रस्त है। लगभग हर दिन मानव और पालतू जानवरों पर हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई गांवों से लोग पलायन करने को मजबूर हो चुके हैं।
स्थिति यह है कि बच्चों का स्कूल जाना और महिलाओं का चारापत्ती के लिए जंगल जाना भी दूभर हो गया है। वहीं, कई मामलों में पीड़ितों को मुआवजा तक नहीं मिल पाया है। जटिल प्रक्रिया और समय पर भुगतान न होने के कारण अनेक लोग मुआवजे के लिए आवेदन तक नहीं कर पाते।
