हिमालयी महाकुंभ नंदा देवी राजजात स्थगित, अब 2027 में होगी 280 किमी की ऐतिहासिक पैदल यात्रा
चमोली। हिमालयी महाकुंभ के नाम से प्रसिद्ध 12 वर्षों में आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात को स्थगित कर दिया गया है। यह विश्व की सबसे लंबी धार्मिक पैदल यात्राओं में से एक मानी जाती है, जिसकी कुल दूरी लगभग 280 किलोमीटर है और यह यात्रा करीब 20 दिनों तक चलती है।

नंदा देवी राजजात समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुंवर ने जानकारी देते हुए बताया कि हिमालयी क्षेत्र में राजजात से जुड़े सभी आवश्यक कार्य अभी पूरे नहीं हो पाए हैं। यात्रामार्ग, आधारभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं को लेकर अभी और तैयारी की आवश्यकता है। इसी कारण समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि नंदा देवी राजजात का आयोजन अब वर्ष 2027 में किया जाएगा।
डॉ. कुंवर ने कहा कि राजजात केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि हिमालयी संस्कृति, आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। लाखों श्रद्धालु, साधु-संत और पर्यटक इस यात्रा में शामिल होते हैं, इसलिए सुरक्षा, सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियों का पूर्ण होना आवश्यक है।
नंदा देवी राजजात उत्तराखंड की सबसे प्राचीन और पवित्र यात्राओं में से एक है, जिसे हिमालयी महाकुंभ कहा जाता है। यह यात्रा नंदा देवी के मायके से ससुराल की प्रतीकात्मक विदाई मानी जाती है और इसके साथ जुड़ी लोक आस्था, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक परंपराएं इसे विश्वभर में विशिष्ट बनाती हैं।
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और 2027 में होने वाली राजजात को ऐतिहासिक और सुरक्षित बनाने में सहयोग करें।
