पैठाणी स्थित पौराणिक राहु मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्यों का भूमि पूजन, 1.90 करोड़ की योजना का शुभारंभ
पैठाणी (पौड़ी गढ़वाल)। पैठाणी स्थित पौराणिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र राहु मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों हेतु 1 करोड़ 90 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित योजना का क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा विधिवत भूमि पूजन किया गया। इस अवसर पर पैठाणी आगमन पर क्षेत्रवासियों ने कैबिनेट मंत्री का भव्य रैली के माध्यम से गर्मजोशी से स्वागत किया।

भूमि पूजन कार्यक्रम के उपरांत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में संचालित सभी विकास कार्य जनता के विश्वास और समर्थन का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र को तीर्थाटन एवं पर्यटन की दृष्टि से नई पहचान देने के उद्देश्य से सुनियोजित पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि धर्मशाला मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा आगामी दो वर्षों में क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा। साथ ही कंडारस्यू पंपिंग पेयजल योजना आगामी तीन महीनों में प्रारंभ की जाएगी, जिससे क्षेत्र में घर-घर जलापूर्ति सुनिश्चित होगी।
कैबिनेट मंत्री ने भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पैठाणी में एक अतिरिक्त भव्य पार्किंग के निर्माण की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विकास के पश्चात श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं योजनाबद्ध ढंग से की जा रही हैं।
डॉ. धन सिंह रावत ने विश्वास व्यक्त किया कि सौंदर्यीकरण योजना पूर्ण होने के पश्चात राहु मंदिर पैठाणी उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी सशक्त पहचान स्थापित करेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इस अवसर पर धर्माचार्य रसिक महाराज, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, राहु मंदिर पंचायत कमेटी अध्यक्ष विनोद रावत, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, भाजपा जिला अध्यक्ष कमल किशोर रावत, जिला पंचायत सदस्य शिव चरण नौडियाल, मंदिर समिति के कोषाध्यक्ष बलवंत सिंह रावत, समिति सदस्य कुंदन रावत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, पौड़ी गढ़वाल
