पौड़ी

एग्रीस्टैक योजना से किसानों को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान, पौड़ी में फार्मर रजिस्ट्री कार्यशाला आयोजित

पौड़ी। एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत राज्य के सभी किसानों को डिजिटल पहचान प्रदान करने के उद्देश्य से सोमवार को पौड़ी के प्रेक्षागृह में एक दिवसीय जनपद स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में फार्मर रजिस्ट्री एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे से संबंधित विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

कार्यशाला में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में मुख्य कृषि अधिकारी रुद्रप्रयाग लोकेंद्र बिष्ट, अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला एवं सहायक कृषि अधिकारी (सांख्यिकी) आरती मैठाणी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।

मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट ने बताया कि एग्रीस्टैक योजना के अंतर्गत प्रत्येक किसान को आधार से जुड़ी यूनिक डिजिटल आईडी प्रदान की जाएगी, जो किसान पहचान पत्र के रूप में कार्य करेगी। इस डिजिटल प्रोफाइल में किसान का व्यक्तिगत विवरण, कृषि भूमि का रिकॉर्ड, खसरा-खतौनी में हिस्सेदारी तथा बोई गई फसलों की संपूर्ण जानकारी दर्ज होगी। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध रूप से मिल सकेगा।

उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति गठित की जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री की निगरानी हेतु जिलाधिकारी द्वारा नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जबकि तहसील स्तर पर तहसीलदार नोडल अधिकारी होंगे।

अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला ने बताया कि किसानों का पंजीकरण वेब पोर्टल एवं मोबाइल एप के माध्यम से किया जाएगा। फार्मर रजिस्ट्री के लिए आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर एवं भूमि संबंधी दस्तावेज अनिवार्य होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना से कृषि योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग संभव होगी और किसान डिजिटल रूप से सशक्त बनेंगे।

कार्यशाला में कृषि रक्षा अधिकारी अरविंद भट्ट, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं राजस्व विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *