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अहमदाबाद में एसजीव्हीपी गुरुकुल का भव्य वार्षिक समारोह “सद्विद्या ही समाधान”, शिक्षा–संस्कार–सेवा का जीवंत संदेश

अहमदाबाद/ऋषिकेश। एसजीव्हीपी गुरुकुल परिवार द्वारा आयोजित विद्यालय का भव्य वार्षिक समारोह “सद्विद्या ही समाधान” 4 जनवरी को अहमदाबाद गुरुकुल परिसर में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन भारतीय शिक्षा प्रणाली में विद्या, संस्कार, परंपरा, सेवा एवं समग्र विकास के महत्व को रेखांकित करता है, जिसमें यह संदेश दिया गया कि जीवन की समस्त समस्याओं का समाधान सद्विद्या में निहित है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आध्यात्मिक प्रमुख एवं परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष परम पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि यदि शिक्षा केवल सूचना दे और संस्कार न दे, तो वह अधूरी है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि व्यक्ति के चरित्र, नैतिकता, करुणा, आत्मसंयम और राष्ट्रभाव का निर्माण करना है। संस्कारयुक्त शिक्षा ही श्रेष्ठ मानव और सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकती है।

समारोह की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन परम पूज्य श्री माधवप्रियदासजी स्वामी, संस्थापक अध्यक्ष एसजीव्हीपी गुरुकुल परिवार द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र से जोड़ते हुए सेवा और संस्कार को उसका आधार बनाना ही गुरुकुल परंपरा का मूल उद्देश्य है। इस अवसर पर परम पूज्य पुरानी श्री बालकृष्णदासजी स्वामी, उपाध्यक्ष एसजीव्हीपी गुरुकुल परिवार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

कार्यक्रम में श्री भक्त वत्सल स्वामी जी, श्री राम स्वामी जी एवं आचार्य रामप्रिय जी का विशेष सहयोग रहा। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में गुजरात सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री डॉ. श्री पद्युमन वाजाजी ने समारोह में सहभागिता की। उन्होंने एसजीव्हीपी गुरुकुल द्वारा मूल्य-आधारित शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संस्थान भावी पीढ़ी को संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

समारोह में गुजरात के अनेक प्रख्यात उद्योगपति, बिल्डर्स, शिक्षाविद् एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व भी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाट्य रूपांतरण, संगीत, नृत्य एवं वैदिक मूल्यों पर आधारित प्रस्तुतियों ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। साथ ही शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, सेवा एवं नेतृत्व में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।

एसजीव्हीपी गुरुकुल परिवार का यह वार्षिक समारोह यह स्पष्ट संदेश देता है कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, संस्कार, करुणा, पर्यावरण चेतना एवं राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, अभिभावकों के लिए विश्वास और समाज के लिए आशा का संदेश बनकर सामने आया, जो शिक्षा, अध्यात्म और समाज सेवा के त्रिवेणी संगम के रूप में स्मरणीय रहेगा।

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