यमकेश्वर बचाओ अभियान: बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी पर भड़का उक्रांद, तहसील में दिया धरना
यमकेश्वर। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने वरिष्ठ नेता डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में “विधानसभा यमकेश्वर बचाओ अभियान” के तहत 9 दिसंबर को तहसील मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। कार्यक्रम संयोजक वी.पी. भट्ट ‘सलाणी’ ने बताया कि आंदोलन का प्रथम चरण क्षेत्रीय जनता की बुनियादी जनसुविधाओं की उपेक्षा और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याओं के विरोध में आयोजित किया गया।

धरना स्थल पर प्रतिनिधिमंडल ने उप-जिलाधिकारी को चार प्रमुख ज्ञापन सौंपे।
पहले ज्ञापन में ग्रामीण मार्गों पर तेजी से फैल रही लैंटाना घास को तत्काल नष्ट करने की मांग की गई। उक्रांद नेताओं ने कहा कि इस घास की आड़ में जंगली जानवर छिप सकते हैं, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और मवेशियों के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।
दूसरे ज्ञापन में हर घर नल जल योजना के विफल होने पर कई गांवों में उत्पन्न पेयजल संकट को तत्काल दूर कराने की मांग की गई।
तीसरे ज्ञापन में यमकेश्वर क्षेत्र में ग्राम संपर्क मार्गों की जीर्ण-शीर्ण स्थिति पर नाराज़गी जताते हुए कहा गया कि सड़कें होने के बावजूद कई गांवों के लोगों को पैदल आवागमन करना पड़ रहा है। उक्रांद ने पीडब्ल्यूडी दुगड्डा से सभी अधूरे संपर्क मार्गों का शीघ्र डामरीकरण कराने की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के साथ उक्रांद यमकेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष उपेन्द्र प्रसाद, राज्य आंदोलनकारी होशियार सिंह भंडारी, सुभाष परिहार, पूर्णानन्द जोशी, शीशपाल नेगी, गम्भीर सिंह भंडारी, इं. महेन्द्र सिंह, केन्द्रीय पदाधिकारी विरेंद्र नौटियाल, विमला बहुगुणा, सन्तोष भट्ट, विकास कपरुवाण, अनूप सिंह, रूपेश नेगी, मनोज पयाल, रघुराज रावत, धर्मपाल बिष्ट, विरेंद्र उनियाल, राजपाल, UNYS अध्यक्ष अम्बर कपरवाण, शैलेन्द्र नेगी सहित अनेक युवा और बुजुर्ग उपस्थित रहे।
